गोपालपुर प्रखंड सुकटिया तिरासी स्थित भगवती मंदिर के सामने श्रीश्री रुद्र चंडी महायज्ञ के आठवें दिन काशी से यहां पहुंचीं मानस कोकिला हीरामणि, श्रवण शास्त्री, भजन सम्राट डाॅ हिमांशु मोहन मिश्र दीपक ने कथा मंच से प्रवचन किया. स्वामी आगमानंद हाराज के सानिध्य व प्रेरणा से यहां नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन हो रहा है. डाॅ हिमांशु मोहन मिश्र दीपक ने गंगा दशहरा पर गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए विद्यापति के भजन को सुनाया, जिसमें विद्यापति ने कहा है कि जिसने गंगा स्नान कर लिया उन्हें जप, तप, योग, ध्यान, पूजा की कोई जरूरत नहीं. उन्होंने भजन सुनाते हुए कहा कि बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे, छाड़यित निकट नयन बह नीरे. कि करब जप तप योग धियांने, जनम कृतारथ एक ही सनाने. दीपक ने भोले बाबा और पार्वती के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए ऐसा भजन गाया कि लोग आनंदित हो उठे. बम भोला की बरात देखो अजब सुहाती सुनकर सभी थिरकने लगे. हीरामणि जी लोगों को गृहस्थ आश्रम में कैसे रहा जाता है, इसकी सीख कथाओं के माध्यम से दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला अपने पति को खुश रखना चाहती है और उसकी प्रिय बन कर हमेशा रहना चाहती है, तो उसे अपने पति के मां-पिता की काफी सेवा करनी चाहिएं, इससे उसका पति हमेशा खुश रहेगा और अपनी पत्नी को काफी प्यार देगा. श्रवण शास्त्री ने श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा सुनाया.
पूर्णाहुति के साथ महाविष्णु यज्ञ संपन्न
पिछले नौ दिनों से लकड़कोल में चल रहा नौ कुंडीय महाविष्णु यज्ञ रविवार को पूर्णाहुति व भंडारे का साथ यज्ञाचार्य पं सत्यनारायण तिवारी के नेतृत्व में सम्पन्न हो गया. रविवार को रात में रासलीला में कंस वध देखने व दंगल प्रतियोगिता का आनंद उठाने बड़ी संख्या में दर्शक जुटे थे. दो दिवसीय मुख्य कुश्ती प्रतियोगिता परिणाम रहित रहने से यज्ञ कमेटी ने किसी को प्रथम पुरस्कार की इनामी राशि नहीं दी. सबसे बड़ा इनामी मुकाबला बनारस के पहलवान मोहित व खगड़िया के पहलवान दीपक के बीच था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
