Bhagalpur news कांवरियों से भरा डीजे वाहन नदी में गिरा, पांच की मौत

शाहकुंड-भागलपुर मुख्य पथ पर रविवार देर रात बेलथू महतो स्थान से आधा किमी आगे एक पुल के समीप डीजे लदे वाहनों के बरसाती नदी में पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गयी.

प्रवीण शर्मा, शाहकुंड (भागलपुर).

शाहकुंड-भागलपुर मुख्य पथ पर रविवार देर रात बेलथू महतो स्थान से आधा किमी आगे एक पुल के समीप डीजे लदे वाहनों के बरसाती नदी में पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गयी. 11 बजे रात में घर से निकले थे. साढ़े 11 बजे रात के करीब यह घटना घटी है. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग व शाहकुंड पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी को वहां से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शाहकुंड लाया. इनमें से पांच लोगों को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. मरने वाले सभी छात्र थे और उवि शाहकुंड में पढ़ते थे. पिता किसान-मजदूर हैं.

मरने वाले सभी शाहकुंड के ही बताये जा रहे हैं. मरने वालों में पुरानी खेरही गांव के तीन और कसवा खेरही गांव के दो हैं, जो शाहकुंड बाजार से आधा किलोमीटर दूर है. तीन युवक तैर कर बाहर आ गये, लेकिन वे कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं. वाहन पर लगभग 12 लोग सवार थे. डीजे वाहन चालक के नदी में डूबे होने की चर्चा लोग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि मकंदपुर निवासी वाहन चालक या तो डर के मारे तैर कर भाग गया अथवा नदी में डूब गया है. उसकी खोज के लिए जेसीबी मंगवायी गयी है. जानकारी के अनुसार रविवार रात 11 बजे के करीब पिकअप वाहन पर डीजे व जनरेटर लगा कर 12 युवकों की टोली नाचते-गाते अंतिम सोमवारी पर जलार्पण करने के लिए गंगा स्नान करने सुलतानगंज जा रहे थे. गंगा स्नान के बाद जैठोरनाथ धाम (अमरपुर, जिला बांका) जाते. सभी कांवरिये के वेश में थे. बारिश होने के कारण बरसाती नदी का पानी सड़क से सट कर बहने लगा है. रात होने और डीजे के शोर में किसी कारणवश वाहन से चालक का नियंत्रण खो गया. इसके कारण शाहकुंड-सुलतानगंज मुख्य सड़क के महतो स्थान के आगे वाहन पानी भरे नदी में चला गया. ग्रामीणों के बीच दुर्घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है. अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों के रोने-चिल्लाने से इलाका गम में डूब गया है.

सावन की अंतिम सोमवारी बन गया जीवन का अंतिम रविवार

सभी युवा छात्र थे. खुश थे. डीजे पर खूब जोर-जोर से गाना बज रहा था. बाजार से निकलते वक्त सभी युवा आसपास के लोगों को देखते ही हर हर महादेव, जय महाकाल का जयघोष कर रहे थे. बारिश के कारण मौसम सुहावना था. रूक-रूक कर बारिश हो रही थी. सड़क किनारे पानी ही पानी दिख रहा था. इसके कारण बरसाती नदी और गड्ढे एक जैसे दिख रहे थे. कहीं-कहीं तो सड़क से एकदम सट कर पानी भरा हुआ था. सभी गंगा स्नान के लिए अपने कंधे पर गमछा भी रखे हुए थे. इन युवकों ने टोली बना कर जैठोरनाथ धाम जाने की ठानी थी. सभी युवा मजदूर-किसान परिवार के थे, इसलिए चंदा कर वाहन भाड़े पर लिया था. वे सभी मन्नत मांगने जा रहे थे. सावन की अंतिम सोमवारी से पहले ही रविवार की काली रात काल बन कर आयी और जीवन का अंतिम रविवार बन कर रह गयी. जैसे ही घर से आधा किमी दूर एक पुलिया के पास डीजे वाहन पहुंचा, लगा कि किसी ने वाहन को जोर का धक्का दे दिया हो. वाहन पर सवार युवक कुछ समझ पाते इससे पहले ही वाहन बरसाती नदी में समा गया. कुछ युवा चीख भी नहीं पाये और मौत ने गले लगा लिया.

मरने वालों में सभी छात्र

सुलतानगंज में गंगा स्नान के बाद जैठोरनाथ धाम (बांका) जा रहे थे सभी

मृतक1 संतोष कुमार.

2.मनोज कुमार.

3.विक्रम कुमार.

4.अंकुश कुमार.

5.मुन्ना कुमार.

(मकंदपुर निवासी वाहन चालक लापता) तीन युवक तैर कर बाहर निकले, तीनों बदहवासजेसीबी से वाहन निकलने के बाद शव बाहर निकालने की कोशिश जारी

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Published by: Jitendra tomar

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