भागलपुर में 21, नवगछिया में पांच व कहलगांव में दो पीठों का हुआ था गठन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर बड़े पैमाने पर मामलों निपटारा किया गया. भागलपुर में 21, नवगछिया में पांच और कहलगांव में दो पीठों का गठन किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत का औपचारिक उद्घाटन सुबह 10 बजे किया गया, जबकि मामलों की सुनवाई सुबह 10.30 बजे से शुरू हुई. लोक अदालत में सभी पीठों के द्वारा आपसी सहमति के आधार पर कुल 4121 मामलों का निष्पादन किया गया. इन मामलों में कुल 13,96,20,164 रुपये की राशि पर समझौता हुआ.कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कुटुंब न्यायालय, भागलपुर के प्रधान न्यायाधीश राज कुमार राजपूत, उपाध्यक्ष सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मिलन कुमार, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम धर्मेंद्र कुमार पांडेय, जिला विधिज्ञ संघ के सचिव अंजनी दुबे और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रंजीता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. कार्यक्रम का मंच संचालन रमन कर्ण ने किया.लोकअदालत में समय और धन की होती है बचत, समाज की शांति बनी रहती है – राजकुमार राजपूत
प्रधान न्यायाधीश राज कुमार राजपूत ने लोक अदालत की महत्ता बताते हुए कहा कि इससे लोगों के समय और धन की बचत होती है और समाज में शांति बनी रहती है. जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने भी लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. आंकड़ों के अनुसार प्री-लिटिगेशन मामलों में कुल 23,002 मामलों को लिया गया, जिनमें से 1,755 मामलों का निष्पादन हुआ और 7,65,32,123 रुपये की राशि पर समझौता हुआ. इनमें बैंक रिकवरी के 1,628 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें 7,65,23,000 रुपये की राशि पर समझौता हुआ. इसके अलावा बीएसएनएल व ट्रैफिक ई-चालान से जुड़े 127 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें 9,123 रुपये की राशि का निपटारा हुआ. वहीं न्यायालय में लंबित मामलों में 4,050 आपराधिक सुलहनीय मामलों को लिया गया, जिनमें 2,057 मामलों का निष्पादन हुआ और 10,53,415 रुपये का समझौता हुआ. मोटर वाहन दुर्घटना बीमा से जुड़े 46 का निपटारा करते हुए 5,01,55,000 रुपये की राशि पर समझौता हुआ. बिजली बिल से जुड़े 249 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें 1,18,79,626 रुपये की राशि पर सहमति बनी. इसके अलावा वैवाहिक विवाद के 121 मामलों में से 14 का निष्पादन किया गया. इस अवसर पर कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पैरा विधिक स्वयंसेवक, न्यायालय कर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मी अमित कुमार, शुभम कुमार, राज आनंद, आरती कुमारी और धर्मवीर सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे.
विवाद के बाद एफआईआर कर तो लेकिन नहीं मिली संतुष्टि
लोक अदालत में सांप्रदायिक विवाद का एक ऐसा भी मामला सामने आया जिसमें वादी को लड़ाई का मकसद समझ नहीं आया. वादी ने बताया कि वर्ष 2023 में वह अपने दुकान पर था. एक ग्राहक मोबाइल का चार्जर खरीदने पहुंचा था. इसी क्रम में ग्राहक के साथ किसी ने मजाक कर दिया और ग्राहक उसके साथ उलझ गया, उसने मारपीट तक कर दी. उस वक्त उसने मामले की प्राथमिकी थाना में करायी, लेकिन जब केस की प्रक्रिया में समय बीतने लगा तो उसको लगा कि इस लड़ाई का कोई औचित्य समझ नहीं आ रहा है. इसलिए दोनों पक्षों ने सुलह कर लिया. कहा कि सुलह के बाद वह काफी हल्का और संतुष्ट महसूस कर रहा है.भवानीपुर नारायणपुर में हुए सड़क हादसे में मृतका के परिजनों की बीमा की राशि का हुआ सेटलमेंट
वर्ष 2022 में भवानीपुर नारायणपुर में एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गयी थी. बीमा की रकम के लिए मामला चार सालों से अटका था. लोकअदालत में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर क्लेम सेटलमेंट करने का आदेश दिया गया है. अधिवक्ता नंदू कुमार पंडित ने बताया कि हादसे के बाद जीवन तो कोई नहीं दे सकता लेकिन उक्त राशि से मृतका के परिजनों की आर्थिक कठिनाई दूर होगी.
