नवगछिया खरीक प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रखंड कार्यालय के सभागार में उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं पिरामल फाउंडेशन की ओर से किया गया, जिसमें प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया.
कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन के पीओसीडी शीतल पंडित द्वारा फाइलेरिया से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई. बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन इसे साल में एक बार दवा खाकर समय रहते है होने से पहले रोका जा सकता है. समय पर दवा सेवन और सामुदायिक जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. हाइड्रोसिल बीमारी भी फाइलेरिया का ही एक रूप है.
उन्मुखीकरण के दौरान हेडमास्टरों को विद्यालय स्तर पर जागरूकता फैलाने, बच्चों एवं अभिभावकों को 10 फरवरी के दिन दवा सेवन के प्रति प्रेरित करने तथा सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग देने पर विशेष जोर दिया गया.शीतल पंडित ने कहा कि विद्यालय समाज का महत्वपूर्ण केंद्र है और शिक्षक समुदाय तक स्वास्थ्य संदेश पहुंचाने में सेतु की भूमिका निभा सकते हैं. यदि स्कूल स्तर से सही जानकारी प्रसारित होगी, तो फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिल सकती है. बैठक के अंत में सभी हेडमास्टरों ने अपने-अपने विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां चलाने तथा आगामी दवा वितरण अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया. यह पहल खरीक प्रखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है.
