Guru Purnima 2026 : बुधवार सुबह से ही बरारी सीढ़ी घाट, मुसहरी घाट और बरारी पुल घाट सहित भागलपुर के प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने पवित्र गंगा में स्नान कर विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की. घाटों पर दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा.
महर्षि मेंहीं आश्रम में मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव
अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा की ओर से कुप्पाघाट स्थित महर्षि मेंहीं आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. संतों ने गुरु की महिमा, सद्गुरु के व्यक्तित्व और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर प्रवचन दिए. श्रद्धालुओं ने सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस और महर्षि संतसेवी परमहंस की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर आचार्यश्री हरिनंदन बाबा से आशीर्वाद प्राप्त किया. प्रातःकाल ध्यान, भजन-कीर्तन और स्तुति-विनती के बाद पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ.
गुरु कृपा से ही जीवन का कल्याण संभव : संत
गुरुसेवी भगीरथ दास महाराज ने प्रवचन में कहा कि गुरु पर अटल विश्वास, निष्कपट भक्ति और उनके बताए मार्ग पर चलने से ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण संभव है. उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा के बिना जीवन का उद्धार संभव नहीं है. महासभा के महामंत्री दिव्य प्रकाश ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और इसे आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह महोत्सव आयोजित किया जाता है. वहीं स्वामी प्रमोद बाबा ने गुरु को जीवों के कल्याण और शांति का मार्गदर्शक बताया.
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, दिनभर चला भंडारा
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नेपाल सहित कई स्थानों से बड़ी संख्या में सत्संगी पहुंचे. आश्रम में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ भंडारा पूरे दिन चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं को खिचड़ी और अन्य प्रसाद वितरित किया गया.
शहर में हुए विविध धार्मिक आयोजन
दीपनगर चौक स्थित शारदा संगीत सदन में गुरु पूजन उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वहीं गंगटी स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के आश्रम में भी गुरु पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने भी परंपरा के अनुसार भगवा ध्वज का पूजन किया. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन में किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को गुरु का प्रतीक मानकर उसकी पूजा की जाती है. इस अवसर पर गुरु महिमा पर विशेष प्रवचन और दक्षिणा समर्पण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया.
