Bhagalpur से दिल्ली, मुंबई व बेंगलुरु के लिए अन्य ट्रेन चलाने की मांग

भागलपुर से कई जगहों के लिये ट्रेन चलाने की मांग.

वरीय संवाददाता, भागलपुर

पूर्व रेलवे ने मंगलवार को आसनसोल और मालदा मंडल समिति की बैठक आयोजित की. महाप्रबंधक श्री मिलिंद देउस्कर की अध्यक्षता में आसनसोल व मालदा मंडल नेटवर्क पर सांसदों के साथ समीक्षा की. इस उच्च स्तरीय बैठक में बांका सांसद गिरिधारी यादव समेत भागलपुर व गोड्डा सांसद के प्रतिनिधि व अन्य सांसद शामिल हुए. बैठक में मंडल रेल प्रबंधक ने सांसदों को स्टेशन पुनर्विकास कार्य, अमृत स्टेशन योजना के तहत विभिन्न स्टेशनों के विकास की प्रगति, विभिन्न स्टेशनों पर लिफ्ट व एस्केलेटर की स्थापना, कोच व ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड का प्रावधान, नये ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) का निर्माण और एफओबी का विस्तार, प्लेटफॉर्म की सतह में सुधार, लंबी दूरी की ट्रेनों को एलएचबी रेक में परिवर्तित करना और अन्य यात्री सुविधा की जानकारी दी. सांसद गिरिधारी यादव ने भागलपुर व जमालपुर क्षेत्र से दिल्ली के लिए और अधिक ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रखा. मुंबई व बेंगलुरु के लिए भी अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया. अन्य सांसदों के प्रतिनिधियों ने भी कोविड महामारी के दौरान रद्द की गई ट्रेनों को फिर से शुरू करने, विभिन्न स्टेशनों पर एस्केलेटर लगाने, विभिन्न ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव करने, विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव समय को बढ़ाने आदि सहित विभिन्न मांगें उठाईं. पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने सांसदों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया.

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे का मामला सांसद ने उठाया

भागलपुर. भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने मंगलवार को दिल्ली संसद परिसर में आयोजित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे सहित बिहार के कई राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए. सांसद ने कहा कि 2024-25 के बजट में घोषित बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर अब यह चर्चा है कि उसके जगह पुराने मार्ग को हाई स्पीड कॉरिडोर के रूप में सुधारा जाएगा, जो तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से उचित नहीं है. सांसद ने तर्क दिया कि पुराने मार्ग में घनी आबादी है, जिससे भूमि अधिग्रहण पर भारी खर्च होगा. जबकि ग्रीनफील्ड मार्ग कम खर्च में और कम व्यवधान के साथ संभव है. बताया कि एक्सप्रेस-वे के लिए 90 मीटर और फोरलेन के लिए 45 मीटर चौड़ाई चाहिए, जो वर्तमान मार्ग पर मुश्किल है. सांसद ने मामले में मंत्री से हस्तक्षेप करते हुए घोषित एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने की स्वीकृति दिलवाले की मांग की है.

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By KALI KINKER MISHRA

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