टीएमबीयू के बिजली बिल मामले की जांच को लेकर चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गयी है. इसे लेकर जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने आदेश जारी किया है. कमेटी में अपर समाहर्ता अध्यक्ष हैं. इसके अलावा विद्युत आपूर्ति अंचल भागलपुर के अधीक्षण अभियंता, टीएमबीयू अभियंता संजय कुमार व अभियंता अंजनी कुमार है. कमेटी से 20 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी गयी है. जिला प्रशासन ने इस संबंधित में टीएमबीयू को पत्र भेजा है. बता दें कि टीएमबीयू प्रशासन ने बकाया बिजली बिल को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था. इसमें बिजली बिल में गड़बड़ी सहित टीएनबी कॉलेज के सामने विवि की जमीन पर स्थित नाथनगर विद्युत ग्रिड का बकाया किराया देने के लिए कहा था. इसमें कोर्ट ने विवि प्रशासन को तत्काल प्रभाव से बकाया बिल में तत्काल एक करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया था. विवि ने एक करोड़ की राशि बिजली कंपनी में जमा करा दी है. साथ ही कोर्ट ने टीएमबीयू के बिजली बिल में गड़बड़ी में सुधार को लेकर कमेटी गठित करने के लिए कहा था.
बताया जा रहा कि एक दिन पहले सोमवार को अधिकारियों की ऑनलाइन मीटिंग हुई थी. इसमें उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार, टीएमबीयू के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे, इंजीनियर संजय कुमार व अंजनी कुमार शामिल हुए. पटना से ही ऑनलाइन मीटिंग की गयी है. इसमें कोर्ट से जारी आदेश पर चर्चा हुई. साथ ही विवि के बकाया बिल के सत्यापन के लिए जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया था.
विवि पर 17 करोड़ से ज्यादा का बकाया
विवि के एक अधिकारी ने कहा कि बिजली कंपनी ने अबतक 17 करोड़ से ज्यादा बकाया बताया है. इसमें विवि प्रशासन ने कोर्ट के निर्देश पर एक करोड़ की राशि चेक से जमा करा दिया है. शेष राशि के लिए बकाया बिल की जांच के उपरांत भुगतान किया जायेगा. अधिकारी ने कहा कि बिजली कंपनी ने मनमाना तरीके से बिजली बिल भेजा है. उन मीटर की जांच होगी. विवि से बताया गया कि कुछ जगहों पर बिजली कंपनी विवि प्रशासन को बिना सूचना दिये प्रीपेड मीटर लगा दिया है. इसकी जानकारी भी विवि को नहीं है.
टीएमबीयू की जमीन का किराया होगा तय
ऑनलाइन मीटिंग में टीएमबीयू की जमीन पर स्थित विद्युत ग्रिड के बकाया किराया भुगतान करने का मामला भी विवि के अधिकारी ने उठाया. ऐसे में मुख्यालय के अधिकारी ने विवि से एग्रीमेंट के कागज दिखाने के लिए कहा. विवि से कहा गया कि उनके पास नहीं है. बिजली कंपनी से कहा गया कि एग्रीमेंट के पेपर दिखाये. विवि के अधिकारी ने बताया कि जमीन से संबंधित एग्रीमेंट के पेपर नहीं मिलता है. ऐसे में अनुमंडल पदाधिकारी विवि की जमीन को लेकर किराया का दर तय करेंगे. अधिकारी ने कहा कि वर्ष 1980 से टीएनबी कॉलेज के सामने विवि की जमीन पर विद्युत ग्रिड स्थापित है. तब से लेकर अबतक का किराया बकाया है.
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