असिस्टेंट प्राेफेसर की बहाली प्रक्रिया फिर पहुुंची हाइकाेर्ट

फर्जी प्रमाणपत्र व एफिलिएटेड काॅलेजाें से जारी अनुभव प्रमाणपत्र पर चयन के मामले को चुनौती

वरीय संवाददाता, भागलपुर बिहार राज्य विवि सेवा आयोग से हो रही असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली की प्रक्रिया एक बार फिर हाइकाेर्ट तक पहुंच गयी. इससे पहले बहाली प्रक्रिया आरक्षण रोस्टर व बैकलॉग रिक्ति मामले में कोर्ट जा चुकी है. इस बार फर्जी प्रमाणपत्र व एफिलिएटेड काॅलेजाें से जारी अनुभव प्रमाणपत्र पर चयन के मामले को चुनौती दी गयी है. हाइकोर्ट में इससे संबंधित याचिका बांका के अभ्यर्थी आशुतोष कुमार ने दी है. इस केस में लगभग दाे दर्जन अन्य परीक्षार्थी इंटरवेनर बनकर जुड़ेंगे. वहीं कॉलेजों के अतिथि शिक्षक व एफिलिएटेड काॅलेजाें के शिक्षक भी शामिल हुए. असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली प्रक्रिया 2020 में शुरू की गयी थी. कोर्ट में मामला फिर से जाने के बाद बहाली प्रक्रिया में फिर से देरी हो सकती है. इधर, टीएमबीयू समेत राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी से पठन पाठन प्रभावित हो रहा है. वहीं बार-बार मामला कोर्ट पहुंचने से कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >