भागलपुर में तटबंध टूटने से हड़कंप: मरम्मत के कुछ ही घंटों बाद बहा 20 फीट बांध, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

भागलपुर के गोपालपुर प्रखंड में ब्रह्मोत्तर तटबंध गुरुवार देर रात फिर से टूट गया. मरम्मत के कुछ ही घंटों बाद 15-20 फीट का कटाव होने से निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है. प्रशासन द्वारा बचाव कार्य जारी है.

भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत सैदपुर स्थित ब्रह्मोत्तर तटबंध गुरुवार देर रात अचानक एक बार फिर ध्वस्त हो गया. इसके चलते पूरे गोपालपुर प्रखंड में भीषण बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा हो गई है. गुरुवार को दिन में तटबंध कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे ग्रामीणों और जल संसाधन विभाग की टीम ने मिलकर अस्थायी रूप से दुरुस्त कर लिया था. लेकिन, देर रात करीब 1:00 बजे पानी के अत्यधिक दबाव के कारण बांध अचानक 15 से 20 फीट तक दोबारा कट गया. इसके बाद पानी का तेज बहाव सैदपुर दुर्गास्थान के समीप रिहायशी इलाकों की ओर रुख करने लगा है.

आधी रात दोबारा कटा तटबंध, निचले इलाकों में फैला पानी

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार को दिन में तटबंध की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया था और स्थिति नियंत्रण में लग रही थी. देर रात करीब एक बजे अचानक पानी के विकराल दबाव से तटबंध का लगभग 15 से 20 फीट हिस्सा फिर से बह गया. देखते ही देखते पानी का तेज सैलाब सैदपुर दुर्गास्थान के आसपास के निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई. यदि इस कटाव को तत्काल पूरी तरह नहीं रोका गया, तो गोपालपुर प्रखंड के कई नए गांव जलमग्न हो सकते हैं.

प्रमुख विवरणस्थिति / आंकड़ाप्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रभावित तटबंधब्रह्मोत्तर तटबंध, सैदपुर (गोपालपुर)दिन में मरम्मत के बाद रात 1 बजे दोबारा कटाव
कटाव का दायरालगभग 15 से 20 फीटपानी सैदपुर दुर्गास्थान की ओर अग्रसर
राहत व बचाव साधन3 नावें, बालू की बोरियां, बोल्डर व बांस-बल्लीमुहाने को बांधने का कार्य जारी
मौके पर मुस्तैदीअंचलाधिकारी, जनप्रतिनिधि व ग्रामीणरात में टॉर्च व नावों के सहारे निगरानी
स्थानीय मांग24 घंटे रोशनी (जनरेटर) और तकनीकी टीमतटबंध की स्थायी व सुरक्षित मरम्मत

तीन नावों से बांध की मरम्मत शुरू, मौके पर पहुंचे अधिकारी

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे:

  • राहत व बचाव अभियान: पानी के तेज बहाव के बीच तीन नावों की मदद से बालू की बोरियां, बांस-बल्ली और बोल्डर डालकर तटबंध के मुहाने को बांधने का काम किया जा रहा है.
  • अधिकारियों की मौजूदगी: रात में ही अंचलाधिकारी (सीओ) रौशन राय, मुखिया प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार गौतम, अधिवक्ता मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों और टॉर्च के सहारे तटबंध पर डटे रहे और बहाव को रोकने का प्रयास करते रहे.

रोशनी की व्यवस्था पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

तटबंध पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यदायी एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि कटाव स्थल पर प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर को रात में ही बंद कर दिया गया था. घने अंधेरे और रोशनी के अभाव में उफनती नदी के किनारे बांध की प्रभावी निगरानी और मरम्मत कार्य करना बेहद जोखिम भरा हो गया. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जब तक कटाव पूरी तरह रुक नहीं जाता, तटबंध पर 24 घंटे पर्याप्त रोशनी, राहत सामग्री और तकनीकी टीम की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए.

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By Vipin Thakur

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