Bhagalpur News. बॉलीवुड गीत में उर्दू लफ्जों के बिना तुकबंदी नहीं बनती : जिलाधिकारी

उर्दू फरोग कार्यक्रम.

-फरोग ए उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का आयोजन उर्दू निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के बैनर तले शनिवार को टाउन हॉल में कार्यशाला, सेमिनार एवं मुशायरा कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता दिनेश राम, संयुक्त निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा, सुभाषिनी प्रसाद, उर्दू परामर्श समिति सदस्य शबाना दाऊद ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मौके पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि उर्दू मधुर एवं मनमोहक भाषा है, जो किसी के भी दिल को लुभा सकती है. जिलाधिकारी ने कहा कि बॉलीवुड में ऐसी कोई गीत नहीं है, जिसमें उर्दू लफ्जों का प्रयोग शामिल न हो. क्योंकि उर्दू लफ्जों के बिना तुकबंदी नहीं बनती है. उन्होंने कहा कि उर्दू स्थापित भाषा है और राज्य सरकार ने द्वितीय भाषा के रूप में इसे घोषित किया है. जिलाधिकारी के आवास के बाहर के नेम प्लेट में भी उर्दू भाषा में एक प्लेट लगा हुआ है और एक हिंदी में लिखा हुआ है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में उर्दू लफ्जों का प्रयोग धीरे-धीरे कम कर दिया गया है. हालांकि बुजुर्गों द्वारा इसका प्रयोग ज्यादा किया जाता है. संगीत की दुनिया अधूरी होगी, अगर उर्दू का प्रयोग ना हो. उन्होंने कहा कि बचपन में उन्होंने भी उर्दू भाषा सीखने का प्रयास किया था. लेकिन बाद के दिनों में विज्ञान की पढ़ाई में मशगूल होने की वजह से उर्दू पीछे छूट गयी. जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे-छोटे मुशायरा प्रखंड स्तर पर भी आयोजित होने चाहिए. ताकि इस भाषा को प्रोत्साहित किया जा सके. कार्यक्रम को डॉ शाहिद रजा जमाल, डॉ अरशद राजा, मोहम्मद शहाबुद्दीन, डॉ इकबाल हसन, डॉ अनवर हुसैन ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में फरहत हुसैन, काजिम अशरफी, मोहम्मद अरशद परवेज, मासूम रजा आदिल, अजीकुर रहमान, शहजोर अख्तर, हारून रशीद, मंजर इमाम, फैज रहमान, मोहम्मद जौसर अयाग, अनवर हुसैन, मोहम्मद तबरेज अख्तर ने काव्य पाठ किया. संचालन मो सादिक ने किया.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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