Bihar News: (शुभांकर, सुलतानगंज) वर्षों से अधर में लटकी सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. तकनीकी खामियों और पूर्व में हुए हादसों के कारण कई बार बाधित हुआ यह निर्माण कार्य अब नए डिजाइन के साथ दोबारा तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है. निर्माण एजेंसी का दावा है कि यदि इसी रफ्तार से काम चलता रहा, तो अगले दो वर्षों में इस पुल पर आवागमन शुरू हो सकता है.
री-डिजाइन के साथ शुरू हुआ नया चरण
परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह के अनुसार, पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ध्यान में रखते हुए इसका नया स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया गया है. इस डिजाइन को स्वीकृति के लिए आईआईटी रूड़की भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य को और तेज कर दिया जाएगा.
नए पिलर से बढ़ेगी मजबूती और स्थायित्व
प्रस्तावित डिजाइन के तहत पाया संख्या 2 से 6 के बीच तीन नए पिलर बनाए जाएंगे. इससे पुल की भार क्षमता बढ़ेगी और लोड का संतुलन बेहतर तरीके से हो सकेगा. इंजीनियरों का मानना है कि इस बदलाव से पुल पहले की तुलना में अधिक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा.
मंजूरी मिलते ही तेजी से होगा काम
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जैसे ही नए डिजाइन को अंतिम स्वीकृति मिलती है, करीब 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से की जा रही हैं.
गंगा के बीच तेजी से चल रहा फाउंडेशन कार्य
फिलहाल गंगा नदी के बीच वेल कूप कटिंग, केसिंग और सरिया से जुड़े कार्य तेज गति से चल रहे हैं. खासकर पाया संख्या 10, 11 और 12 पर फाउंडेशन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रगति अब साफ तौर पर नजर आने लगी है.
स्थानीय लोगों में बढ़ी उम्मीद
इस पुल के निर्माण से भागलपुर और खगड़िया के बीच सीधा और आसान संपर्क स्थापित होगा, जिससे हजारों लोगों को फायदा मिलेगा. लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों में अब उम्मीद की किरण जगी है.
