रिटायर्ड आर्मी जवान के बेटे ने की आत्महत्या, बबुल के पेड़ से लटका हुआ मिला शव

Bihar Crime: बीरबल मंडल परवत्ता थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत अंतर्गत शंकरपुर गांव का निवासी था. वह बुधवार की रात खाना खाने के बाद घर से निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा.

Bihar Crime: भागलपुर (नवगछिया),अंजनी कुमार कश्यप: जिले में आत्महत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला इस्माइलपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां रिटायर्ड आर्मी जवान अजय कुमार उर्फ दरोगी मंडल के छोटे बेटे बीरबल मंडल (25 वर्ष) ने विक्रमशिला सेतु पुल के पास एक पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना पूरे इलाके में शोक की लहर फैला गई है. बीरबल मंडल परवत्ता थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत अंतर्गत शंकरपुर गांव का निवासी था. वह बुधवार की रात खाना खाने के बाद घर से निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा.

बबुल के पेड़ से लटका हुआ मिला शव

गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने विक्रमशिला सेतु के उत्तरी छोर के पास एक बबुल के पेड़ से लटका हुआ शव देखा और तुरंत ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात जवान को सूचना दी. इसके बाद इस्माइलपुर थाना को सूचित किया गया. सूचना मिलते ही एडिशनल थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान मृतक के जेब से आधार कार्ड बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान हुई. परिजनों को जब सूचना दी गई तो घटनास्थल पर पहुंचकर उनकी चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंच कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.

टोटो चलाकर जीवन यापन करता था

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. बीरबल मंडल टोटो चलाकर जीवन यापन करता था, लेकिन कम आमदनी के कारण वह मानसिक तनाव में रहता था. परिजनों के अनुसार वह हाल ही में रोजगार की तलाश में बाहर जाने की योजना बना रहा था. चचेरा भाई राजेश कुमार ने बताया, “बीरबल का किसी से कोई विवाद नहीं था, न ही घर में कोई तनाव था. वह कल रात 8 बजे के करीब खाना खाकर निकला था, फिर वापस नहीं लौटा. आज सुबह जब सूचना मिली, तो हम लोग मौके पर पहुंचे.

जल्द ही होने वाली थी शादी

राघोपुर पंचायत के मुखिया मनोज कुमार मंडल ने बताया, “घटना की सूचना मिलने के बाद हम भी मौके पर पहुंचे. मृतक बहुत ही शालीन और घरेलू स्वभाव का था. यह घटना सभी के लिए चौंकाने वाली है.” इस दुखद घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं की रोजगार समस्या को उजागर कर दिया है. रिटायर्ड फौजी अजय कुमार के परिवार पर यह गहरी चोट है. उनके चार संतानों में एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक अभी अविवाहित है. बड़ा बेटा निर्मल कुमार भागलपुर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है और उसकी शादी भी जल्द ही होने वाली है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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