राघोपुर बांध पर गंगा का दबाव घटाने की तैयारी, गाद हटाने को लिखा पत्र

राघोपुर में गंगा के बढ़ते दबाव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहल शुरू की है. काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध को बचाने के लिए गंगा की गाद को हटाने का अनुरोध किया गया है.

Raghopur Ganga Dredging: खरीक प्रखंड के काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर गंगा नदी का दबाव कम करने और संभावित बाढ़ के खतरे को घटाने के लिए प्रशासन ने पहल शुरू की है. भागलपुर के अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी आरके सिंह को पत्र भेजकर राघोपुर के सामने गंगा के दाएं किनारे पर जमा गाद की ड्रेजिंग कराने का अनुरोध किया है.

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब बीते 24 अगस्त की रात काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद राघोपुर पंचायत के कई गांवों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया था. कटाव की वजह से करीब 100 वर्ष पुराना चैती दुर्गा मंदिर भी गंगा में विलीन हो गया.

गाद जमने से नदी का रास्ता हुआ संकरा

प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता की रिपोर्ट को आधार बनाया है. रिपोर्ट के अनुसार, काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के सामने नदी के दाएं किनारे पर लंबे समय से गाद जमा होने से वहां गाद का टीला बन गया है. इसके कारण नदी का पाट संकरा हो गया है.

नदी का बहाव क्षेत्र कम होने से पानी का दबाव बांध की ओर बढ़ गया. लगातार दबाव और कटाव की प्रक्रिया के कारण बांध को नुकसान पहुंचने की बात रिपोर्ट में सामने आयी है. ऐसे में प्रशासन अब नदी के प्रवाह को सुचारु करने के लिए गाद हटाने को जरूरी मान रहा है.

ड्रेजिंग से बांध पर घट सकता है दबाव

अपर समाहर्ता की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि राघोपुर के सामने दाएं किनारे पर जमा गाद हटाने से नदी को पर्याप्त प्रवाह क्षेत्र मिल सकेगा. इससे पानी के बहाव का दबाव बांध की ओर कम होने की उम्मीद है.

प्रशासन का मानना है कि प्राथमिकता के आधार पर ड्रेजिंग कराये जाने से मार्जिनल बांध को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही राघोपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाली बड़ी आबादी पर संभावित खतरे को भी कम किया जा सकेगा.

Raghopur Ganga Dredging: स्थल चिह्नित कर जल्द कार्रवाई की मांग

प्रशासन ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण से स्थल को चिह्नित कर नियमानुसार जल्द से जल्द गाद हटाने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. अब ड्रेजिंग की प्रक्रिया और संबंधित एजेंसी की कार्रवाई पर नजर रहेगी. नदी के प्रवाह क्षेत्र में बदलाव और बांध पर बने दबाव को देखते हुए प्रशासन इस काम को बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहा है.

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By संजीव झा

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