कहगलगांव में सैकड़ों महिलाओं ने निकाली भव्य कलशयात्रा, भक्तिमय हुआ माहौल
Bhagalpur News : उत्तरवाहिनी गंगा के तट से जब सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर निकलीं, तो पूरा कहलगांव भक्तिमय माहौल में डूब गया. ढोल-नगाड़ों, भजन और जयकारों के बीच शुरू हुए श्रीमद् भागवत कथा त्रिवेणी महोत्सव ने श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक उत्साह भर दिया.
कहलगांव, भागलपुर से प्रतिनिधि की रिपोर्ट
भागलपुर जिले के कहलगांव में महर्षि संत शाही स्वामी जी महाराज की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को संगीतमय संतमत सत्संग श्रीमद् भागवत कथा त्रिवेणी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर नगर भ्रमण किया और कथा पंडाल में कलश स्थापित किया. आयोजन स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला.
गंगा तट से निकली भव्य कलश यात्रा
महोत्सव के शुभारंभ पर महिलाओं ने उत्तरवाहिनी गंगा से विधिवत कलश में जल भरा. इसके बाद भव्य शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर पटेल नगर स्थित कथा पंडाल पहुंची. यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयघोषों से माहौल को भक्तिमय बनाते नजर आए.कलश यात्रा का नेतृत्व ऋषिकेश से पधारे Swami Ramanand Shastri ने किया. यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए.
मुख्य यजमान ने कराया विधिवत पूजन
कार्यक्रम के मुख्य यजमान संजय कुमार सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी रेखा कुमारी रहे. कथा पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना और पूजन संपन्न कराया गया.आयोजन में डॉ. प्रवीण कुमार राणा, डॉ. राजेंद्र महतो, योगेश प्रसाद मंडल, कुमुद कुमार, धर्मेंद्र कुमार और दिलीप चौधरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
“भागवत कथा जीवन में लाती है शांति”
कथा वाचक Swami Ramanand Shastri ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान का स्रोत है.उन्होंने कहा कि भागवत कथा ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के माध्यम से मनुष्य के कष्टों का निवारण करती है. यह ग्रंथ व्यक्ति के जीवन में शांति और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करता है.
भक्तिमय माहौल से गूंजा कहलगांव
महोत्सव के पहले दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर नजर आया. आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में कथा और सत्संग कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.