कहलगांव प्रखंड के लगमा हाट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शनिवार को श्रद्धा व भक्ति के माहौल में संपन्न हो गयी. कथा के अंतिम दिन कथा व्यास स्वामी माधवानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का गूढ़ संदेश दिया. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम दिवस अत्यंत पावन और प्रेरणादायी होता है, क्योंकि इसी दिन राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. स्वामी जी ने बताया कि तक्षक नाग के डसने से पूर्व ही राजा परीक्षित भगवान की भक्ति और ज्ञान के प्रभाव से मोक्ष को प्राप्त कर चुके थे. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा, समर्पण और भक्ति भाव से भगवान की कथा का श्रवण करता है, उसे भगवान सद्गति और मोक्ष प्रदान करते हैं. कथा के दौरान स्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम व आदर्श मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया. उन्होंने कहा कि भगवान केवल भक्त के सच्चे भाव के भूखे होते हैं. भगवान अपने भक्तों की परीक्षा अवश्य लेते हैं, लेकिन जो भक्त हर परिस्थिति में अटूट विश्वास बनाये रखता है, उसे भगवान अपनी शरण में स्थान देते हैं.
कथा व्यास ने सात दिनों तक हुई कथा का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि संपूर्ण श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. कथा समापन के अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति एवं आध्यात्मिकता का भाव व्याप्त रहा.Bhagalpur news श्रीमद्भागवत कथा में मोक्ष, भक्ति औरमित्रता का संदेश
कथा व्यास स्वामी माधवानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का गूढ़ संदेश दिया.
