मुख्य बातें:
भागलपुर से अतुल तिवारी की रिपोर्ट
Bhagalpur Sadar Hospital OPD Schedule: भागलपुर जिला मुख्यालय स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल (मॉडल अस्पताल) प्रबंधन की ओर से आम मरीजों की सुविधा के लिए मंगलवार का विशेष ओपीडी (OPD) शेड्यूल जारी कर दिया गया है. अस्पताल प्रशासन ने मानसून के मौसम में बढ़ती बीमारियों और मरीजों की भारी आमद को देखते हुए अलग-अलग विभागों में वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की है. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुदूर ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों से आने वाले किसी भी मरीज को बिना इलाज या परामर्श के वापस न लौटना पड़े.
ओपीडी की समय सारणी और पंजीकरण गाइडलाइन
- ओपीडी का समय: सदर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं सुबह 09:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक लगातार संचालित होंगी.
- ससमय पंजीकरण अनिवार्य: अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर ही काउंटर से अपना पंजीकरण (पुर्जा) कटवा लें, ताकि समय पर संबंधित डॉक्टरों से परामर्श लिया जा सके.
विभागवार डॉक्टरों की मुकम्मल ड्यूटी लिस्ट: यहाँ देखें कौन कहाँ बैठेंगे
मेडिसिन एवं सर्जरी विंग
- मेडिसिन विभाग: डॉ. एच. पी. जायसवाल, डॉ. हीरा कांतोनी, डॉ. चंदन कुमार तिवारी, डॉ. आर. पी. मिश्रा और डॉ. सैफ अली बेग.
- सर्जरी विभाग: डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. विप्लव बलराज, डॉ. शुभम सार्थक और डॉ. आशीष रंजन.
ऑर्थोपेडिक, नेत्र एवं ईएनटी विंग
- ऑर्थोपेडिक (हड्डी) विभाग: डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. रामाशेखर सुनन और डॉ. अविनाश कुमार.
- नेत्र (आई) विभाग: डॉ. सत्यदीप गुप्ता.
- ईएनटी (नाक, कान, गला) विभाग: डॉ. प्रिंस कुमार.
शिशु रोग एवं डेंटल विंग
- शिशु रोग विभाग: डॉ. कुंदन शर्मा, डॉ. स्नेहा भूषण, डॉ. मिथिलेश कुमार और डॉ. शशि भूषण.
- डेंटल (दंत) विभाग: डॉ. स्वप्निल चंद्रा और डॉ. प्रमोद कुमार.— सदर अस्पताल प्रबंधन, भागलपुर
Bhagalpur Sadar Hospital OPD Schedule: भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष सुरक्षा और पेयजल के इंतजाम
सदर अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में मौसमी बुखार, सर्दी-खांसी और जलजनित बीमारियों के कारण ओपीडी के दौरान मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इसे देखते हुए सभी ओपीडी कक्षों के बाहर बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन के लिए सुरक्षा गार्डों की तैनाती, बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां और शुद्ध पेयजल जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूरी कर ली गई हैं ताकि कतारों में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को किसी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े.
