भागलपुर में जलमग्न सड़कों पर बढ़ा हादसे का खतरा, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश

लगातार बारिश के कारण भागलपुर की सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. गोराडीह हादसे के बाद जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है.

Bhagalpur waterlogging roads: लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर में जलजमाव वाली सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. पानी के ऊपर से बहने के कारण सड़क के गड्ढे और किनारे की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है. ऐसे में ऑटो, ई-रिक्शा, दोपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों के भी गहरे पानी में जाने का खतरा बना हुआ है. हाल में गोराडीह में जलमग्न रास्ते पर हुए हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम तत्काल मजबूत करने का निर्देश दिया है.

जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग, एनएचएआई और ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं के साथ जिले के सभी बीडीओ और सीओ को अलर्ट करते हुए निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. अधिकारियों को जलजमाव वाले रास्तों की लगातार निगरानी करने और लोगों को खतरनाक स्थानों से सुरक्षित रखने को कहा गया है.

खतरनाक जगहों पर लगेंगे लाल झंडे और डेंजर बोर्ड

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित कार्यपालक अभियंता और परियोजना निदेशक अपने अधीन आने वाली प्रभावित सड़कों का लगातार निरीक्षण करें. जहां जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाये.

सीओ अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित करेंगे, जहां सड़क की सीमा या पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है. इन जगहों पर लाल झंडे, डेंजर साइन बोर्ड और अन्य जरूरी चेतावनी व्यवस्था लगायी जायेगी, ताकि वाहन चालक और राहगीर पहले से सतर्क हो सकें.

24 घंटे संवेदनशील इलाकों पर नजर रखेंगे अधिकारी

डीएम ने सभी बीडीओ और सीओ को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया है. संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को देने को कहा गया है.

प्रशासन ने हाल के दिनों में दूसरे जिलों में जलजमाव के कारण वाहनों के पलटने और लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि भागलपुर में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से जरूरी सुरक्षा इंतजाम किये जायें.

Bhagalpur waterlogging roads: गोराडीह हादसे के बाद बढ़ी चिंता

गोराडीह प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गयी थी. खुटाहा साव टोला से पंचायत भवन की ओर जाने वाले रास्ते पर यह हादसा हुआ था. मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल थे.

मुकेश साव की पत्नी मंचो देवी अपने परिवार के साथ बाढ़ प्रभावित रास्ते से गुजर रही थीं. इसी दौरान सड़क किनारे नाले की ओर जाने पर परिवार के सदस्य एक-एक कर गहरे पानी में चले गये. हादसे में मंचो देवी, उनकी 13 वर्षीय बेटी सोनाक्षी कुमारी, नौ वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार और आठ वर्षीय अक्षय कुमार की मौत हो गयी. पड़ोसी होमगार्ड जवान लुखो देवी की 16 वर्षीय पुत्री अंशु प्रिया की भी हादसे में जान चली गयी.

इस घटना ने जलमग्न सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं. अब प्रशासन का जोर ऐसे स्थानों की पहले से पहचान कर चेतावनी संकेत लगाने और लोगों को जोखिम वाले रास्तों से दूर रखने पर है.

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By संजीव झा

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