Bhagalpur Shunting Line: भागलपुर रेलवे स्टेशन से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के रैक अब भविष्य में बरारी छोटी रेलवे लाइन की ओर नहीं, बल्कि चौधरीडीह की तरफ खड़े किये जायेंगे. मालदा डिवीजन ने एक्सप्रेस ट्रेनों के वार्शिंग और मेंटेनेंस के बाद रैक रखने के लिए प्रस्तावित संटिंग लाइन के मार्ग में बदलाव किया है. पहले रेलवे गुमटी नंबर तीन से इशाकचक होते हुए बरारी छोटी रेलवे लाइन की तरफ संटिंग लाइन बिछाने की योजना थी. इस मार्ग का सर्वे भी कराया जा चुका था और रिपोर्ट डिवीजन को भेजी गयी थी.
अब इस प्रस्तावित मार्ग को रद्द कर दिया गया है. संटिंग लाइन का बचा हुआ हिस्सा चौधरीडीह की तरफ बनाया जायेगा. इसके लिए रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है और करीब एक सप्ताह में आइओडब्लू ओपी भगत की टीम नये मार्ग का सर्वे करेगी. सर्वे पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट मालदा डिवीजन को भेजी जायेगी.
चौधरीडीह में चार लाइनें, हर एक 600 मीटर लंबी
नये प्रस्ताव के तहत चौधरीडीह इलाके में चार संटिंग लाइनें बिछायी जायेंगी. प्रत्येक लाइन की लंबाई करीब 600 मीटर होगी. इन लाइनों का इस्तेमाल भागलपुर से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के रैक को मेंटेनेंस और वार्शिंग के बाद रखने के लिए किया जायेगा.
रेलवे के अनुसार, चार लाइनें इसलिए तैयार की जा रही हैं ताकि एक साथ कई ट्रेनों के रैक को जरूरत के अनुसार रखा जा सके. जिस ट्रेन को जिस समय चलाना होगा, उसके निर्धारित समय से पहले संबंधित रैक को संटिंग लाइन से प्लेटफॉर्म तक लाया जायेगा.
चौधरीडीह क्षेत्र का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह मुख्य रेल लाइन के संपर्क में रहेगा. इससे रैक की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
एक से तीन नंबर गुमटी तक पटरी बिछाने का काम अंतिम चरण में
भागलपुर में संटिंग लाइन से जुड़े काम का एक हिस्सा पहले ही तेजी से आगे बढ़ चुका है. रेलवे गुमटी नंबर एक से गुमटी नंबर तीन तक संटिंग लाइन के लिए पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है. अब इस हिस्से में बचे हुए कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है.
इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी तेजी से चल रहा है और यह कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. काम पूरा होने के बाद इस हिस्से का इस्तेमाल ट्रेनों के रैक को रखने और जरूरत के समय प्लेटफॉर्म तक लाने के लिए किया जा सकेगा.
बरारी छोटी लाइन के रास्ते पाइप से आयेगा गंगा का पानी
संटिंग लाइन का रास्ता बदलने के पीछे एक बड़ी वजह भागलपुर रेलवे स्टेशन की प्रस्तावित गंगाजल आपूर्ति योजना है. रेलवे स्टेशन तक गंगा का पानी पाइप के माध्यम से पहुंचाने की योजना पर जल्द काम शुरू होने की तैयारी है.
गंगा से पानी पुल घाट होते हुए बरारी छोटी रेलवे लाइन के रास्ते भागलपुर रेलवे स्टेशन तक लाया जायेगा. इसी कारण इस मार्ग पर संटिंग लाइन की बची हुई पटरी बिछाने के बजाय उसे चौधरीडीह की ओर स्थानांतरित किया गया है.
इस योजना की जिम्मेदारी कोलकाता की एफएनसी कंस्ट्रक्शन को मिली है. डिवीजन में यह पहली ऐसी योजना होगी, जिसके तहत स्टेशन की पानी संबंधी जरूरतों के लिए गंगा के पानी का इस्तेमाल किया जायेगा.
Bhagalpur Shunting Line: 15 करोड़ की योजना से स्टेशन की पानी समस्या होगी दूर
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर पानी की समस्या लंबे समय से बनी रही है. इसी को देखते हुए गंगा नदी से स्टेशन तक पानी पहुंचाने की योजना तैयार की गयी है. योजना के तहत गंगा से भागलपुर स्टेशन तक करीब नौ से दस किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछायी जायेगी.
इस पूरी योजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. पाइपलाइन बिछने के बाद गंगा का पानी रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जायेगा और स्टेशन की विभिन्न जरूरतों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा.
इस तरह संटिंग लाइन का मार्ग बदलने का सीधा संबंध केवल ट्रेनों के रैक खड़े करने की व्यवस्था से नहीं है. बरारी छोटी रेलवे लाइन वाले हिस्से में प्रस्तावित गंगाजल पाइपलाइन और चौधरीडीह में नई संटिंग लाइनों की योजना एक-दूसरे से जुड़ गयी है. अब अगले चरण में चौधरीडीह के नये मार्ग का सर्वे पूरा होने और रिपोर्ट मालदा डिवीजन को भेजे जाने के बाद चार संटिंग लाइनों के निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
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