भागलपुर में पकड़ौआ विवाह, प्रेमी के साथ पकड़ी गई थी गर्लफ्रेंड, प्रेमिका बोली- अब कोई जुदा नहीं कर सकता

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में लोगों ने प्रेमिका और प्रेमी की शादी करा दी. दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे. शादी के बाद लड़की ने कहा कि हमारा प्यार सच्चा है. हम हमेशा के लिए एक हो गये हैं.

Bhagalpur News, ऋषव मिश्रा कृष्णा: भागलपुर में पकड़ौआ विवाह का एक और मामला सामने आया है. शनिवार देर रात प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया. इसके बाद गांव के पास स्थित शिव मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई. घटना कहलगांव के शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ज्योतिपुर गांव की है.

मंदिर के पास हुई मुलाकात, ग्रामीणों ने देखा

जानकारी के अनुसार प्रेमिका के घर से थोड़ी दूरी पर एक शिव मंदिर है, जहां नियमित रूप से शिवचर्चा होती है. इसी बहाने युवती घर से बाहर निकलती थी और प्रेमी को मिलने के लिए बुलाती थी. शनिवार की रात भी युवती ने मां से शिवचर्चा में जाने की बात कहकर घर छोड़ा और फोन कर प्रेमी को बुलाया. दोनों की मुलाकात और बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया.

कमरे में बंद कर दी गई जोड़ी

ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर मंदिर के ही एक कमरे में बंद कर दिया. सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई. इसके बाद गांव के बुजुर्गों के कहने पर युवक के परिजनों को बुलाया गया. शुरुआत में परिजन शादी से इनकार करते रहे, लेकिन ग्रामीणों के दबाव के बाद वे मान गए.

रात भर चली शादी की रस्में

ग्रामीणों की मौजूदगी में मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की शादी कराई गई. देर रात तक विवाह की रस्में चलती रहीं. शादी के बाद युवती को ससुराल भेज दिया गया. इस पूरे मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई. थानाध्यक्ष से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है.

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प्रेमी-प्रेमिका का दावा, अब कोई अलग नहीं कर सकता

प्रेमी राजीव ने बताया कि दोनों पिछले पांच महीने से एक-दूसरे से प्यार करते थे और अक्सर शिव मंदिर के पास मिलते थे. वहीं युवती का कहना है कि अब दोनों हमेशा के लिए एक हो गए हैं. साथ जीना और मरना है. कोई उन्हें अलग नहीं कर सकता.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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