भागलपुर में रात 10 बजे के बाद क्यों लिए जाएंगे खून के नमूने? 24 सितंबर से शुरू हो रहा 'नाइट ब्लड सर्वे', जानिए फाइलेरिया उन्मूलन का मास्टर प्लान

भागलपुर में 24 सितंबर से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 'नाइट ब्लड सर्वे' शुरू हो रहा है. जानें क्यों रात 10 बजे के बाद ही लिए जाएंगे खून के नमूने और इसका वैज्ञानिक कारण.

Bhagalpur News: स्वास्थ्य विभाग जब रात के सन्नाटे में आपके दरवाजे पर दस्तक दे और खून का नमूना मांगने लगे, तो चौंकिएगा मत. यह कदम आपको और आपके परिवार को एक ऐसी लाइलाज और अपंग बना देने वाली बीमारी से बचाने के लिए उठाया जा रहा है, जिसका नाम है फाइलेरिया. भागलपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने के लिए आगामी 24 सितंबर से व्यापक 'नाइट ब्लड सर्वे' (रात्रि रक्त सर्वेक्षण) की शुरुआत होने जा रही है. जिले के सभी प्रखंडों में संचालित होने वाले इस विशेष अभियान के तहत रात 10 बजे के बाद लोगों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे. रात के समय ही यह सर्वे क्यों किया जा रहा है और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है, इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

रात के अंधेरे में ही क्यों होता है फाइलेरिया के परजीवियों का टेस्ट?

कई लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर दिन के उजाले को छोड़कर रात 10 बजे के बाद ही खून के सैंपल क्यों लिए जा रहे हैं. जिला वैक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर (डीवीबीडीसीओ) डॉ दिनानाथ ने इसका वैज्ञानिक कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि फाइलेरिया फैलाने वाले सूक्ष्म परजीवी यानी 'माइक्रोफाइलेरिया' दिन के समय इंसानी शरीर की गहरी रक्त वाहिकाओं में छिपे रहते हैं. रात 10 बजे से लेकर देर रात के दौरान ही ये परजीवी शरीर की बाहरी त्वचा के पास रक्तधारा में सक्रिय रूप से तैरते हैं. इसलिए रात में लिए गए रक्त नमूनों की जांच से ही संक्रमण की सटीक पहचान हो पाती है. सर्वे का मुख्य उद्देश्य केवल संक्रमितों की खोज करना नहीं, बल्कि उन्हें तुरंत निशुल्क उपचार और फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराना भी है.

सदर अस्पताल में लैब टेक्नीशियनों को मिला मास्टर ट्रेनिंग का पाठ

नाइट ब्लड सर्वे के प्रभावी और त्रुटिरहित संचालन को लेकर मंगलवार को सदर अस्पताल के सभागार में लैब टेक्नीशियनों के लिए एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. जिले के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से पहुंचे लैब टेक्नीशियनों को रक्त नमूना संग्रह करने, स्लाइड तैयार करने, माइक्रोफाइलेरिया की माइक्रोस्कोपिक जांच करने, नमूनों के लंबे समय तक संरक्षण और सटीक रिपोर्टिंग की निर्धारित मानक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई. मास्टर ट्रेनरों ने स्पष्ट हिदायत दी कि जांच के दौरान निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल और स्वच्छता संबंधी सावधानियों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि एक भी संभावित मरीज छूट न पाए.

रोगी हितधारक मंच संभालेगा कमान, दूर करेगा लोगों की हिचकिचाहट

देर रात घर-घर जाकर खून के नमूने लेने में अमूमन लोगों की झिझक और विरोध का सामना करना पड़ता है. इस व्यावहारिक चुनौती से निपटने और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अम्बा आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर गठित 'रोगी हितधारक मंच' के सदस्यों को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. मंच के सदस्य गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को रात में खून की जांच कराने के फायदे समझाएंगे और फाइलेरिया के प्रति फैले भ्रम को दूर करेंगे. सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद ने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति पाने के लिए संक्रमण की शुरुआती अवस्था में ही पहचान होना बेहद जरूरी है. स्वास्थ्यकर्मियों की लगन के साथ-साथ जब तक आम जनता की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तब तक यह अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता.

Bhagalpur News: हाथीपांव और अंडवृद्धि से मिलेगी मुक्ति, स्वास्थ्य महकमे ने झोंकी ताकत

अगर समय रहते फाइलेरिया के संक्रमण को नहीं पहचाना गया, तो आगे चलकर यह व्यक्ति को 'हाथीपांव' (पैरों में अत्यधिक सूजन) या अंडवृद्धि (हाइड्रोसील) जैसी स्थायी विकलांगता की ओर ढकेल देता है. इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ आशीष टिक्का, वीडीसीओ आरती कुमारी व कृति कुमारी, सिफार संस्था के विवेक कुमार तथा पिरामल के प्रतिनिधि विजय कुमार और प्रियदर्शनी मोहंती सहित स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. 24 सितंबर से शुरू हो रहे इस महाअभियान के बाद भागलपुर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक नया और मजबूत अध्याय जुड़ जाएगा.

Also Read: Nandan Yadav Encounter: कौन हैं जमुई केस के मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम? जानें बालू ढोने से लेकर पुलिस मुठभेड़ तक की कहानी

Also Read: Jamui Encounter News: जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस ने नंदन यादव को मारी गोली

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Atul kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >