कहलगांव, भागलपुर से रिपोर्ट
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) कार्यालय ने अपनी कार्यशैली और तेज निष्पादन क्षमता के दम पर राज्य स्तर पर अलग पहचान बनाई है. बिहार के 102 डीसीएलआर कार्यालयों की रैंकिंग में कहलगांव कार्यालय अप्रैल 2026 में 62वें स्थान पर था, लेकिन महज एक महीने के भीतर मई 2026 में यह 42वें स्थान पर पहुंच गया. इस उल्लेखनीय सुधार का श्रेय डीसीएलआर सरफराज नवाज के नेतृत्व और पूरी टीम की सक्रिय कार्यशैली को दिया जा रहा है.
लंबित मामलों के तेजी से निपटारे का मिला फायदा
कार्यालय ने मोटेशन, परिमार्जन, सर्किल सुपरविजन, अभियान बसेरा, मोटेशन अपील, आधार लिंकिंग और बीएलडीआर वादों के निष्पादन को प्राथमिकता दी. 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली में बेहतर प्रदर्शन के कारण ही कार्यालय को यह उपलब्धि हासिल हुई.
कहलगांव डीसीएलआर कार्यालय के अधीन आने वाले कहलगांव, पीरपैंती और सन्हौला अंचलों के प्रदर्शन ने भी रैंकिंग सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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तीनों अंचलों में तेजी से घटी लंबित मामलों की संख्या
कहलगांव अंचल में लंबित मामलों की संख्या अप्रैल में 274 थी, जो मई में घटकर सिर्फ 60 रह गई. वहीं पीरपैंती अंचल में 455 लंबित मामलों की संख्या कम होकर 210 पर पहुंच गई. सन्हौला अंचल में भी लंबित मामलों की संख्या 283 से घटकर 180 रह गई.
इन आंकड़ों से साफ है कि राजस्व मामलों के निष्पादन में तेजी आई है, जिससे आम लोगों को राहत मिल रही है.
ऑफिस टाइम के बाद भी काम कर रही टीम
इस उपलब्धि के पीछे टीम वर्क को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है. डीसीएलआर सरफराज नवाज के निर्देश पर कार्यालय कर्मी निर्धारित समय के बाद भी देर रात तक दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और मामलों के निष्पादन में जुटे रहते हैं.
डीसीएलआर सरफराज नवाज ने कहा कि रैंकिंग केवल संख्या नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली राहत और न्याय की गति का संकेत है. उनका लक्ष्य है कि प्रत्येक फरियादी को कम से कम समय में समाधान उपलब्ध कराया जाए.
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Bhagalpur News: जून के लिए तय हुआ नया लक्ष्य
उपलब्धि से उत्साहित डीसीएलआर ने तीनों अंचल अधिकारियों को जून माह के लिए नया लक्ष्य दिया है. निर्देश दिया गया है कि जनहित से जुड़े सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित कर अनुमंडल के तीनों अंचलों को राज्य की शीर्ष 100 रैंकिंग में शामिल कराया जाए.
स्थानीय अधिवक्ताओं और आम लोगों ने भी कार्यालय की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे भूमि विवादों के समाधान के लिए भरोसेमंद कार्यालय बताया है.
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