Bhagalpur News. भागलपुर को मिल सकता है मंत्रिमंडल में जगह, दौड़ में चार नाम आगे

भागलपुर को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह.

शैलेश, शैलेंद्र, रोहित व शुभानंद मुकेश के नाम की चर्चा सबसे आगेललित किशोर मिश्र, भागलपुर

कई सालों बाद भागलपुर लोकसभा की सभी सातों विधानसभा सीट पर एनडीए प्रत्याशी की जीत हुई. इस प्रचंड जीत के बाद जिले से मंत्री बनाये जाने की मांग व चर्चा तेज हो गयी है. इन चर्चाओं के बीच चार विधायकों के मंत्री बनने की उम्मीद जताते हुए दौड़ में आगे बताया जा रहा है. इन नामों के पीछे जीत का अंतर, जीत की प्रकृति व सामाजिक व क्षेत्रीय मानकों को साधने की कोशिश के तहत मंत्री पद देने की बात हो रही है. हालांकि इनमें से कम से कम एक को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. बाकी को मंत्री पद के समकक्ष कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर संतुलन बनाये जाने की चर्चा है. इससे पहले भी इस तरह के प्रयास हो चुके हैं. इससे पहले बाल श्रम विभाग, महिला कल्याण विभाग, सचेतक आदि में जगह देकर मंत्री पद की भरपाई की जाती रही है.राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार मंत्रिमंडल में नये चेहरे दिखेंगे और जो क्षेत्र वर्षों से खाली रहा है, वहां से कम से कम चार चेहरे को जगह दी जायेगी. इसके लिए सामाजिक समीकरण के साथ ही क्षेत्रीय अस्मिता को भी पैमाना माना जा रहा है. अंग क्षेत्र से चार नाम हैं, वहीं भागलपुर से एक नाम तय किये जाने हैं. जिले के सात विधायकों में से चार नामों दौड़ में आगे बताये जा रहे हैं. इसके लिए प्रदेश व शीर्ष नेतृत्व में इसकी चर्चा तेज हो गयी है. राजद से जदयू में आये गंगा पार में अपनी राजनीति रसूख व जनता के बीच अपनी पहचान बनाये शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को इस बार जदयू नेतृत्व ने गोपालपुर से चुनाव लड़वाया और उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल की. नीतीश कुमार के करीबी रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व कहलगांव में अपनी पैठ रखने वाले शुभानंद मुकेश को इस बार कहलगांव से जदयू ने टिकट दिया. सबसे बड़ी बात यह हुई कि यह सीट भाजपा का सीटिंग विधायक का टिकट काट के दिया गया था और उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की.

तीसरी बार लगातार जीते शैलेंद्र, तो कांग्रेस के कब्जे से रोहित ने छीनी कुर्सी

बिहपुर विधानसभा से ई. शैलेंद्र लगातार तीसरी बार चुनाव जीते. पिछली बार इन्हें सचेतक की जिम्मेवारी मिली थी, लेकिन इस बार जीत का अंतर ज्यादा व लगातार तीसरी बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं. इस बार इनके मंत्री बनने की संभावना तेज हो गयी है. वहीं 11 साल से भाजपा की परंपरागत भागलपुर सीट पर कांग्रेस के अजीत शर्मा का कब्जा था, लेकिन इस चुनाव कांग्रेस के कब्जे वाली सीट को भाजपा के रोहित पांडे ने जीत कर पार्टी की झोली में डाल दिया. इस बार इनके मंत्री बनने की पूरी संभावना जतायी जा रही है.

अश्विनी चौबे के बाद मंत्री विहीन रहा यह क्षेत्र, इस बार जगी है उम्मीद

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे जब भागलपुर के विधायक थे, तो उस समय वो बिहार सरकार में मंत्री भी बने. लेकिन उनके 2014 में बक्सर से सांसद का चुनाव लड़ने व सांसद बन जाने के बाद सातों विधानसभा से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया. 2005 में जब पहली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी, तो अश्विनी कुमार चौबे को नगर विकास मंत्री बनाया गया था. उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री, पीएचइडी मंत्री भी बने. इसके पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ शिवचंद्र झा भी मंत्री बने. इस क्षेत्र से डॉ शिवचंद्र झा व सदानंद सिंह विधानसभा अध्यक्ष बनाये गये थे. अब इस मंत्रीमंडल में लोगों को उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >