Bhagalpur electricity NOC: बिजली कनेक्शन कटने और मीटर उखाड़कर विभागीय कार्यालय ले जाने के करीब 13 साल बाद भी उपभोक्ता परिवार को अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC नहीं मिल पाया है. एनओसी के इंतजार में आवेदन करने वाले उपभोक्ता के माता-पिता दोनों का निधन हो गया. अब उनका बेटा अरुण कुमार जरूरी कागजात लेकर अलीगंज विद्युत कार्यालय के चक्कर लगा रहा है. विभाग का कहना है कि मामले के समाधान के लिए विशेष कमेटी गठित की गयी है और रेवेन्यू डिपार्टमेंट इसकी जांच कर रहा है. कार्यपालक अभियंता ने दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आने और बिल में आवश्यक सुधार का भरोसा दिया है.
बकाया राशि जमा करने के बाद काटा गया था कनेक्शन
अरुण कुमार के अनुसार उनके पिता स्व. राम लाल महतो के नाम से बिजली कनेक्शन था. इसका उपभोक्ता नंबर 23420014819 है. उनका कहना है कि विद्युत विपत्र की बकाया राशि जमा करने के बाद बिजली कर्मचारियों ने कनेक्शन काट दिया और मीटर उखाड़कर कार्यालय ले गये. सबौर के कनीय अभियंता ने 22 मार्च 2023 को इसकी पुष्टि करते हुए संबंधित कागजात मुख्य कार्यालय को भेजे थे और एनओसी जारी करने के लिए सूचित किया था.
इसके बाद भी एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. अरुण कुमार का कहना है कि उनके पिता लगातार अलीगंज विद्युत कार्यालय का चक्कर लगाते रहे. इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती गयी और हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया.
पिता के बाद मां और अब बेटा कर रहा है दौड़
परिवार के अनुसार एनओसी का मामला पिता के निधन के बाद भी लंबित रहा. इसके बाद अरुण कुमार की मां का भी एक अगस्त 2025 को निधन हो गया. अब बेटे ने इस मामले को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली है.
अरुण कुमार के अनुसार फरवरी 2026 से वह सभी जरूरी दस्तावेज और पूर्व में हुई कार्रवाई से संबंधित कागजात लेकर अलीगंज विद्युत कार्यालय में आवेदन दे रहे हैं. 21 जुलाई 2026 से उन्होंने विद्युत अधीक्षण अभियंता कार्यालय में भी मामले की जानकारी देकर एनओसी जारी करने की मांग की है. उनका कहना है कि लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने से वह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं.
Bhagalpur electricity NOC: नोड्यूज को लेकर अटका था मामला, अब बिल में होगा सुधार
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल भागलपुर पूर्वी के कार्यपालक अभियंता प्रभात रंजन ने बताया कि डिस्कनेक्शन के बाद नोड्यूज क्लियर करना जरूरी होता है. इस संबंध में उपभोक्ता को नोटिस भी दिया गया था, लेकिन नोड्यूज क्लियर नहीं हुआ.
उन्होंने बताया कि पीड़ित के पास करीब पांच हजार रुपये जमा करने की रसीद है, लेकिन यह नोटिस जारी होने से पहले के अंतिम बिल की जमा राशि की रसीद है. पिता के निधन के बाद मामला लंबित रह गया. डिस्कनेक्शन के वेरिफिकेशन के दौरान यह कनेक्शन सिस्टम में चालू हो गया था और नोड्यूज जमा नहीं होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी.
कार्यपालक अभियंता ने कहा कि आवेदन को गंभीरता से लिया गया है. रेवेन्यू डिपार्टमेंट मामले पर काम कर रहा है और इस कनेक्शन के लिए विशेष तौर पर कमेटी गठित की गयी है. जांच के बाद अगले दो सप्ताह में रिपोर्ट आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बिल में आवश्यक सुधार किया जायेगा. यदि उपभोक्ता ने बिजली का उपयोग नहीं किया है, तो संबंधित राशि को घटाकर एडजस्ट किया जायेगा. नोड्यूज और अन्य वैध चार्ज को छोड़कर उपभोक्ता पर अतिरिक्त राशि नहीं लगने की उम्मीद है.
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