भागलपुर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध शिव मंदिर बाबा बूढ़ानाथ धाम में शनिवार सुबह पांच बजे पूरी निष्ठा और विधि-विधान के साथ 'सरकारी पूजा' संपन्न हुई. इस विशेष अनुष्ठान के दौरान देवों के देव महादेव का गंगा जल, भांग, धतूरा, फल-फूल और पंचामृत से भव्य अभिषेक किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद जैसे ही मंदिर के पट खोले गए, बाबा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.
महंत के सान्निध्य में गूंजे वैदिक मंत्र
धार्मिक अनुष्ठान को पूरे नियम और शुद्धता के साथ संपन्न कराया गया:
- मंत्रोच्चार से भक्तिमय माहौल: महंत शिवनारायण गिरि के कुशल सान्निध्य में मुख्य पुजारी पंडित अभिषेक पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरकारी पूजा और महाआरती कराई.
- भव्य श्रृंगार: विशेष पूजा के दौरान बाबा बूढ़ानाथ का अलौकिक श्रृंगार कर महाभोग लगाया गया.
मंदिर प्रबंधन ने संभाली व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए थे:
- सुचारू व्यवस्था: मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह की देखरेख में पूजा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया गया.
- कतारबद्ध दर्शन: आम भक्तों को दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग और कतारों की व्यवस्था की गई थी.
'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हुआ परिसर
सरकारी पूजा और आरती समाप्त होते ही मंदिर का मुख्य द्वार (पट) आम जनता के लिए खोल दिया गया:
- उमड़ा जनसैलाब: पट खुलते ही सुबह तड़के से लाइन में खड़े हजारों भक्तों ने बाबा बूढ़ानाथ के दर्शन किए.
- अलौकिक माहौल: 'हर-हर महादेव', 'जय बाबा बूढ़ानाथ' और 'ऊँ नमः शिवाय' के गगनभेदी जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की.
