Bhagalpur news घटिया सामग्री को लेकर से रुका बियर निर्माण का कार्य
बियर निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का मामला सामने आने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है.
सुलतानगंज खानपुर पंचायत के इंग्लिश रतनपुर में बेला झोझ नदी पर बन रहे बियर निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का मामला सामने आने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है. बुधवार को लगातार दूसरे दिन साइट पर काम बंद रहा. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद लघु जल संसाधन विभाग के जेई ने मौके पर पहुंच कर जांच की और पूर्व में किये गये निर्माण को तोड़ कर नये सिरे से मानक के अनुसार काम कराने का निर्देश दिया. पंचायत की मुखिया अनीता देवी ने बताया कि एजेंसी की ओर से निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी. निरीक्षण में पाया गया कि कार्य प्राक्कलन के अनुरूप नहीं हो रहा था, जिसके बाद तत्काल काम बंद कराया गया.
लोकल मिट्टी वाला बालू का हो रहा था इस्तेमाल
मुखिया प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि कार्य एजेंसी निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं कर रही थी. उन्होंने कहा कि ढलाई में बेहतर बालू की जगह मिट्टी मिश्रित लोकल बालू का इस्तेमाल किया जा रहा था. निर्माण कार्य में क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों में गड़बड़ी पायी गयी. उन्होंने बताया कि अधिकारियों से शिकायत के बाद निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया गया और अब पुराने हिस्से को तोड़ कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कराया जायेगा.
जेई ने की जांच, दिये सख्त निर्देश
बुधवार को लघु जल संसाधन विभाग के जेई सौरभ सुमन मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की जांच की. कार्य एजेंसी को सख्त हिदायत देते कार्य गुणवत्ता पूर्ण करने को निर्देशित किया. जेई ने बताया कि ढलाई में जिस बालू का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह सोलिंग कार्य के लिए उपयोग होने वाला बालू था. प्राक्कलन के अनुसार अलग गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग होना चाहिए था. उन्होंने निर्देश दिया कि पहले पुराने निर्माण हिस्से को तोड़ा जाए, फिर कट-ऑफ की सफाई कर सेंटरिंग के बाद प्रॉपर एस्टीमेट के अनुसार ढलाई की जाए. विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब निर्माण कार्य पूरी तकनीकी निगरानी में करायी जायेगी. जेई ने बताया कि गुरुवार से मानक के अनुरूप दोबारा काम शुरू कराया जायेगा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बियर का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो जाता है, तो आसपास के किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी और खेती को स्थायी जलस्रोत मिल सकेगा.