bhagalpur news.बिहार को कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में और बेहतर करने की जरूरत - डॉ राव

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर का स्थापना दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाय गया.

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर का स्थापना दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाय गया. इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत कर्पूरी सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के निदेशक कुलपति डॉ श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में हुयी. उन्होंने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के 15 वर्षों की यात्रा के अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए विश्वविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी. कहा कि हमने यहां की संभावनाओं, सुविधाओं, प्रयोगशालाओं एवं प्रक्षेत्र का अवलोकन किया. यह देखकर गर्व होता है कि इतने कम समय में इस विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रभावशाली पहचान बनाई है. बिहार अब किसी भी राज्य से पीछे नहीं है. बिहार को कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में भी और बेहतर करना चाहिये. इस अवसर पर सिंदूर की खेती पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का विमोचन पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन द्वारा किया गया. कहा कि इस परिसर की हरियाली दिल को छू लेने वाली है. ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब विश्वस्तर तक पहुंच चुकी है और बीएयू सबौर द्वारा सिंदूर की खेती की चर्चा भी हर तरफ है. इसके बाद दूसरी डॉक्यूमेंट्री फिल्म नन्ही उम्मीदें दिखाया गया, जो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सबौर जिसे विश्वविद्यालय ने गोद लिया है. उस पर आधारित प्रेरक डॉक्यूमेंट्री का विमोचन सांसद अजय मंडल द्वारा किया गया. इस अवसर पर सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि बीएयू सबौर को नीति आयोग द्वारा पूर्वोत्तर योजना की नोडल एजेंसी बनाए जाने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. कहा कि 15 वर्षों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियां देश भर के कृषि विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. स्थापना दिवस के अवसर पर कतरनी चावल के एक किलोग्राम के वाटरप्रूफ जीपर पैक का विमोचन किया गया, जो स्थानीय कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अवसर पर क्रॉप फिजियोथैरेपी, कृषि अभियंता, कृषि पत्रकारिता आदि विषयों पर आधारित प्रयोग एवं व्यावहारिक पुस्तकों का भी विमोचन किया गया. इस दौरान कृषि सखियों के लिये प्राकृतिक खेती पर मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया गया. इस अवसर पर बीएयू सबौर के कुलपति डॉ डीआर सिंह एवं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के कुलपति डॉ श्रीनिवास राव दोनों ने मिलकर ऐतिहासिक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया. डॉ डीआर सिंह ने कहा कि इससे बिहार के कृषक वैज्ञानिकों एवं छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और राज्य में कृषि का एक नया युग प्रारंभ होगा. समारोह में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक वैज्ञानिक छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया. विश्वविद्यालय के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों कर्मचारी को पुरस्कृत किया गया. इस कार्यक्रम में उपस्थित कृषि अधिष्ठाता डॉ एके साह निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.

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Author: ATUL KUMAR

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