सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट
Bangla Sawan: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के औपचारिक उद्घाटन में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन सुलतानगंज पूरी तरह भोलेनाथ की भक्ति में डूब चुका है. शनिवार 18 जुलाई से बांग्ला सावन की शुरुआत के साथ पश्चिम बंगाल से आने वाले कांवरियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है. उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर हजारों श्रद्धालु "बोल बम" के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल रवाना हो रहे हैं. दूसरी ओर प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, लेकिन कई जगह व्यवस्थाएं अभी अधूरी हैं. इसके बावजूद आस्था ऐसी है कि कांवरिये बिना किसी शिकायत के 'बाबा भरोसे' अपनी कठिन यात्रा शुरू कर चुके हैं.
बांग्ला सावन शुरू होते ही बढ़ी कांवरियों की भीड़
सुलतानगंज में शुक्रवार से ही कांवरियों की भीड़ बढ़ने लगी थी, लेकिन शनिवार से बांग्ला सावन शुरू होने के साथ यह संख्या और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. सबसे अधिक श्रद्धालु पश्चिम बंगाल से पहुंच रहे हैं, जहां बांग्ला कैलेंडर के अनुसार सावन का विशेष धार्मिक महत्व है.
सुबह से लेकर देर शाम तक उत्तरवाहिनी गंगा के घाटों और कांवरिया पथ पर भगवा वस्त्रधारी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई देने लगी हैं. "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा सुलतानगंज भक्तिमय वातावरण में डूब गया है.
तैयारियां अंतिम चरण में, लेकिन आस्था नहीं रुकी
श्रावणी मेला शुरू होने में अब करीब 12 दिन शेष हैं. प्रशासन सड़क समतलीकरण, कांवरिया पथ पर बालू बिछाने, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और अन्य सुविधाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है.
जिला प्रशासन का दावा है कि 25 जुलाई तक सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
हालांकि कई स्थानों पर काम अभी जारी है, लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर बिल्कुल नहीं दिख रहा. अधूरी व्यवस्थाओं के बीच भी हजारों कांवरिये बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की आस लेकर पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं.
Bangla Sawan: गंगा का बढ़ता जलस्तर, युद्धस्तर पर बन रहा नया घाट
श्रावणी मेले की सबसे बड़ी चुनौती इस बार गंगा का लगातार बढ़ता जलस्तर है. बाबा अजगैवीनाथ मंदिर घाट पर प्रशासन युद्धस्तर पर कच्चे घाट का निर्माण करा रहा है.
मौके पर काम कर रहे मजदूरों के अनुसार गंगा का जलस्तर प्रतिदिन लगभग दो से तीन फीट तक बढ़ रहा है. इसी वजह से घाट निर्माण की योजना में लगातार बदलाव करना पड़ रहा है.
जेसीबी से ढलान तैयार की जा रही है. बालू से भरे जियो बैग लगाए जा रहे हैं. सीढ़ीनुमा घाट बनाया जा रहा है और बांस की बैरिकेडिंग भी जलस्तर के अनुसार बदली जा रही है. प्रशासन का प्रयास है कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान की सुविधा मिल सके.
एक क्विंटल कांवर लेकर बाबाधाम के लिए निकला पश्चिम बंगाल का जत्था
श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ आस्था का एक अनूठा दृश्य भी देखने को मिला. पश्चिम बंगाल के कालीघाट से पहुंचे 24 सदस्यीय कांवरियों के दल ने उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर बाबा अजगैवीनाथ की पूजा-अर्चना की.
इसके बाद श्रद्धालुओं ने करीब एक क्विंटल वजन वाले विशेष कांवर में गंगाजल भरकर बाबाधाम के लिए पैदल यात्रा शुरू की.
कांवरिया बिट्ट महाराज ने बताया कि उनकी टोली हर वर्ष बांग्ला सावन शुरू होने से एक दिन पहले सुलतानगंज पहुंचती है और यहां से गंगाजल लेकर देवघर में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करती है.
Bangla Sawan: अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, 40 लोगों को नोटिस
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है.
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि मुख्य चौक, स्टेशन रोड और घाट रोड पर अतिक्रमण करने वाले 40 लोगों को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही पूरे नगर क्षेत्र में माइकिंग कर 24 घंटे के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है.
इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाएगा.
अबजूगंज से शाहाबाद चौक तक चला बुलडोजर
प्रशासन ने अबजूगंज चौक से शाहाबाद चौक तक सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण और अस्थायी दुकानों को हटाया. बुलडोजर की मदद से सड़क किनारे बने अवरोधों को हटाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया.
अभियान के दौरान महिला पुलिस, जिला पुलिस बल और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई. प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा.
श्रावणी मेले की आहट अब साफ महसूस होने लगी
सुलतानगंज में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही है कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अब अपने चरम की ओर बढ़ रहा है. एक ओर प्रशासन समय पर तैयारियां पूरी करने की चुनौती से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हर अधूरी व्यवस्था पर भारी पड़ रही है. आने वाले दिनों में बांग्ला सावन और फिर मुख्य श्रावणी मेले के शुरू होते ही सुलतानगंज से देवघर तक पूरा कांवरिया पथ भगवामय होने वाला है.
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