Barua Reservoir Project : सुलातानंगज प्रखंड के कमरगंज पंचायत में नवनिर्मित बड़ुआ जलाशय योजना का निर्माण कार्य कर रही कंपनी जीवीपीआर के खिलाफ गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना के निर्माण के दौरान उनके आवागमन का मुख्य रास्ता बंद कर दिया गया है. इसी के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यस्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया.
कुछ देर तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही, जिससे निर्माण कार्य में लगे कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
'घर और खेत तक जाने का रास्ता बंद कर दिया गया'
ग्रामीणों का कहना है कि बड़ुआ जलाशय योजना का कार्य तेजी से चल रहा है और कंपनी ने आसपास की जमीन अधिग्रहित कर प्लांट का निर्माण किया है. इस दौरान गांव का आम रास्ता भी अतिक्रमित कर बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को अपने घर, आंगन और खेतों तक आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है.
ग्रामीणों ने बताया कि कमरगंज फील्ड तक जाने वाला रास्ता भी अवरुद्ध हो गया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है.
मुखिया ने प्रोजेक्ट मैनेजर से की बातचीत
मामले की जानकारी मिलने पर कमरगंज पंचायत के मुखिया भरत कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से दूरभाष पर बातचीत कर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया.
मुखिया ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर को लिखित आवेदन भी सौंपा गया है. कंपनी प्रबंधन ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद उम्मीद है कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक या पूर्व का रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा.
समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द रास्ता बहाल नहीं किया गया तो वे आगे भी निर्माण कार्य का विरोध करेंगे. उनका कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं और आवागमन के अधिकार की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी.
प्रदर्शन के दौरान चंद्र मोलेश्वर कुमार, पवन झा, विनय मंडल, कालीचरण यादव, बबलू झा, जितेंद्र कुमार, चंद्रमनी यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
