बिहार सरकार ने विद्यालयों में लिपिक नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब विद्यालय लिपिक के पद पर सीधी भर्ती नहीं होगी. इसके स्थान पर नियुक्ति अनुक्रमांक के आधार पर की जाएगी. शिक्षा विभाग के आदेश में कहा कि यदि किसी शिक्षक-शिक्षाकर्मी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित विद्यालय लिपिक पद पर नियुक्ति के लिये आवेदन कर सकते हैं. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से आवेदन स्वीकार किया जाएगा. अब नये नियम के तहत सेवा में रहते शिक्षक/शिक्षाकर्मी की मृत्यु होने पर उनके आश्रित को अनुक्रमांक के आधार पर लिपिक पद पर नियुक्त किया जाएगा. इसमें न्यूनतम 45 फीसद अंक के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा पास करना अनिवार्य है. शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य विद्यालय लिपिक नियमावली 2025 में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था लागू की है. नियमावली के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि अब लिपिक पद पर केवल अनुक्रमांक के आधार पर ही नियुक्ति संभव होगी.
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