Bhagalpur News. राजस्व प्रशासन में एआइ का होगा इस्तेमाल, हर जिले में बनेगा सेल

राजस्व प्रशासन में होगा

—अपर मुख्य सचिव ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम को भेजा पत्र

बिहार सरकार ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित टूल्स के उपयोग का निर्णय लिया है. इस संबंध में राजस्व व भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है. भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से सात मार्च, 2024 को इंडिया एआइ मिशन की घोषणा की गयी थी. इसके तहत राज्यों में एआइ तकनीक के उपयोग से बेहतर निर्णय क्षमता विकसित करने, अधिक कार्यों के ऑटोमेशन व कर्मियों और फ्रॉड की पहचान करने की दिशा में पहल की जा रही है.

राजस्व प्रशासन में एआइ के उपयोग की पहल

राज्य सरकार ने भी बिहार एआइ मिशन की स्थापना की है, जिसका क्रियान्वयन आईटी विभाग के माध्यम से किया जा रहा है. इसी प्रक्रिया के तहत राजस्व प्रशासन में भी एआइ आधारित तकनीक के उपयोग की शुरुआत की जा रही है. राजस्व व भूमि सुधार विभाग के तीन वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने फरवरी, 2026 में नयी दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड एआइ कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था. वहां विभिन्न क्षेत्रों में एआइ के उपयोग और प्रशासनिक कार्यों में इसके प्रयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी.

हर जिले में बनेगा एआइ सेल

जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले में एक एआइ सेल का गठन किया जायेगा. इस सेल में अपर समाहर्ता (राजस्व) को अध्यक्ष बनाया जायेगा, जबकि जिला आईटी मैनेजर, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे. यह एआइ सेल जिला स्तर पर एआई के उपयोग से संबंधित निर्णय लेने, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करने व एआई पाठ्यक्रम लागू कराने का कार्य करेगा. प्रशिक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों की परीक्षा लेकर उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा.

एक अप्रैल से शुरू होगा उपयोग, होगी साप्ताहिक बैठक

एआइ सेल की बैठक प्रत्येक सप्ताह आयोजित की जायेगी. बैठक में एआइ के उपयोग और उससे जुड़े कार्यों की समीक्षा की जायेगी. प्रारंभिक स्तर पर एक अप्रैल, 2026 से एआई टूल्स का उपयोग शुरू करने की व्यवस्था की जायेगी. समाहर्ता को एआइ सेल के गठन का आदेश जारी कर इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है.

चैट जीपीटी जैसे टूल्स के उपयोग को भी बढ़ावा

विभागीय बैठकों में चैट जीपीटी जैसे एआइ असिस्टेंट के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है. प्रशासनिक मुख्य सचिव की ओर से एआई टूल्स की सूची भी साझा की गयी है, जिनका उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि एआइ तकनीक के उपयोग से राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी, साथ ही ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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