Bhagalpur News. सरकारी भूमि का व्यक्तिगत दाखिल खारिज करने के मामले में रिटायर्ड सीओ नवीन भूषण पर कार्रवाई

अवकाशप्राप्त सीओ नवीन भूषण के खिलाफ कार्रवाई.

बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने गोराडीह के तत्कालीन अंचल अधिकारी नवीन भूषण के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी नवीन भूषण पर सरकारी भूमि के अवैध दाखिल-खारिज और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने का आरोप सिद्ध होने के बाद सरकार ने उनकी पेंशन में पांच फीसदी की कटौती करने का दंड दिया है.

सरकारी भूमि के गलत दाखिल-खारिज का था आरोप

नवीन भूषण पर सेवाकाल के दौरान कई गंभीर आरोप लगे थे. इसमें सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम पर दाखिल-खारिज करना, स्वत्व वाद लंबित रहने के बावजूद उसकी अनदेखी कर दाखिल-खारिज वाद स्वीकृत करना और दाखिल-खारिज के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या जानबूझकर अस्वीकृत करना शामिल था. इन कृत्यों को सरकारी सेवा अधिकार अधिनियम, 2011 का घोर उल्लंघन और स्वेच्छाचारिता माना गया.

जांच में आरोप साबित हुए

विभाग द्वारा स्पष्टीकरण मांगने और समाहर्ता से मंतव्य प्राप्त करने के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के तहत विस्तृत विभागीय जांच शुरू की गयी. जांच में उनके विरुद्ध लगाये गये पांच आरोपों में से एक आंशिक रूप से और चार प्रमाणित पाये गये.

पेंशन में कटौती के साथ विभागीय कार्यवाही समाप्त

जांच प्रतिवेदन और सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद अनुशासनिक प्राधिकार ने बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के प्रावधानों के तहत नवीन भूषण की पेंशन राशि का पांच प्रतिशत की कटौती करने का अंतिम निर्णय लिया. सरकार के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब इस विभागीय कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस दंड की एंट्री उनके सेवा पुस्त (सर्विस बुक) में सुनिश्चित की जाये.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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