गंगा दशहरा : अजगैवीनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
Bhagalpur News : गंगा दशहरा पर अजगैवीनगरी पूरी तरह भक्ति और आस्था में डूब गई. उत्तरवाहिनी गंगा तट पर श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि घाटों से लेकर बाजार तक “हर-हर गंगे” के जयकारों से गूंज उठा पूरा सुलतानगंज.
सुलतानगंज,भागलपुर से शुभंकर की रिपोर्ट
सुलतानगंज में गंगा दशहरा पर्व को लेकर मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट पर बिहार, झारखंड, बंगाल सहित कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई. गंगा घाटों, ध्वजागली और बाजारों में पूरे दिन धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा. श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की.
उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. इसी कारण गंगा दशहरा का पर्व सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है.जाह्नावी गंगा महाआरती सभा के महामंत्री संजीव झा ने बताया कि उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
पुरुषोत्तम मास में गंगा पूजन का विशेष महत्व
संजीव झा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास यानी मलमास में भी मां गंगा के पूजन में किसी प्रकार की बाधा नहीं मानी जाती. मां गंगा सदैव पवित्र हैं और कलियुग की प्रत्यक्ष देवी मानी जाती हैं.उन्होंने बताया कि गंगा स्नान, स्पर्श और दर्शन मात्र से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं. श्रद्धालु गंगा दशहरा पर बिजू आम, बताशा, फूल-माला और पूजन सामग्री अर्पित कर मनोवांछित फल की कामना करते हैं.
मौसल स्नान को बताया विशेष पुण्यदायी
धार्मिक जानकारों ने बताया कि शांत भाव से बिना हाथ-पैर हिलाए गंगा में डुबकी लगाने को मौसल स्नान कहा जाता है, जिसका विशेष महत्व माना जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस परंपरा का पालन करते हुए गंगा स्नान किया.
ध्वजागली में स्थापित की जा रही मां गंगा की प्रतिमा
गंगा दशहरा को लेकर ध्वजागली में पंडा समाज की ओर से मां गंगा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है. मंगलवार शाम वैदिक मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा.
बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. कई श्रद्धालु गंगा जल लेकर देवघर के लिए रवाना हुए.पूरे दिन घाटों और मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा.