bhagalpur news. छोटी लापरवाही, बन जायेगी बड़ी परेशानी, ठंड से बचें

भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कम ठंड व धूप निकलने के बावजूद सुबह-शाम कनकनी और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं.

भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कम ठंड व धूप निकलने के बावजूद सुबह-शाम कनकनी और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. इस दौरान छोटी लापरवाही करने अर्थात कम कपड़े में धूप का मजा लेने के चक्कर में लोग बीमार पड़ने लगे हैं. सर्दी-खांसी, बुखार, सांस, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों की संख्या में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों की भीड़ 20 फीसदी से अधिक बढ़ गयी. चिकित्सकों की मानें तो कनकनी के कारण नसों में सिकुड़न से हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और पक्षाघात के मरीज बढ़ रहे हैं. दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम ठंड से तापमान में अंतर से वायरल फीवर और सांस लेनेवाले परेशानी संबंधी मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है. चिकित्सक बुजुर्गों और बच्चों को सुबह देर से बाहर निकलने, गर्म कपड़े पहनने और गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दे रहे हैं. वरीय चिकित्सक डॉ विनय कुमार झा ने कहा कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड का असर देखने को मिल रहा है. इस दौरान कुछ लोग अचानक अपने कपड़े को कम करने लगे, जो कि लापरवाही है. इससे सिर दर्द, सर्दी-खांसी, उल्टी जैसा मन, लूज मोशन होता है. इस मौसम में ठंड सा ही जीवन शैली रखें. यदि किसी रोग के मरीज हैं, तो दवा को जारी रखें. बदलते मौसम से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के ओपीडी में 2000 से अधिक मरीजों की संख्या दर्ज की गयी है. एक सप्ताह पहले तक यहां अधिक ठंड के कारण 1000 से कम मरीज आ रहे थे. सोमवार को भी 1900 से अधिक मरीजाें की संख्या रही. इसमें मेडिसिन अर्थात सर्दी-खांसी, वायरल फीवर, ब्लड प्रेशर व हृदय के मरीजों की संख्या बढ़ी. इसके बाद ऑर्थोपेडिक व चर्म रोग के मरीजों की संख्या थी. सदर अस्पताल के ओपीडी से लेकर निजी क्लिनिक में आनेवाले मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. 50 फीसदी से अधिक मरीजों में सामान्य फ्लू के लक्षण मिले. वरीय चिकित्सकों के अनुसार इस समय सजग रहने से ही लोग दमा-खांसी, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं. हृदय रोग व लकवा की आंशका बढ़ गयी है. शरीर को गर्म कपड़ों से ढकने की कोशिश करें. बाइक चलाने वालों को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए. वरीय चिकित्सक डॉ डीपी सिंह ने बताया कि धूप का मजा जरूर लें, लेकिन कपड़ा पहनने में लापरवाही नहीं करें. अभी अचानक ठंड बढ़ रही है और घट रही है. ठंड बढ़ने व घटने पर किसी प्रकार की अनदेखी खतरनाक है. दिनचर्या व खान-पान में लापरवाही से लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों व बुजुर्गों पर हो रहा है. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट व अस्थमा के मरीज सावधानी बरतें. सर्दी के मौसम में संक्रमण जल्दी हावी हो जाता है. इसलिए ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. सामान्य मौसम का मजा लेने की बजाय सावधानी के लिए सुबह व शाम को गर्म कपड़ा जरूर पहनना चाहिए. स्नान करने में हल्का गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए. बीमार लोगों को चिकित्सक के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए. ऐसे रखें अपना ख्याल चिकित्सकों ने बताया कि सुबह व शाम को पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें. गुनगुना पानी व गर्म खाद्य पदार्थ का सेवन करें. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि अभी अधिकतर क्लिनिक व अस्पताल में बीमार बच्चों में ब्रांकियोलाइटिस-वायरल निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं. वायरल निमोनिया छोटे बच्चों को अधिक हो रहा है. खासकर दो साल के नीचे के बच्चों में. यह सर्दी-जुकाम से शुरू होता है. बच्चा हांफने लगता है. इसमें इनहेलर की जरूरत पड़ती है. अभिभावक को धैर्य बनाये रखना चाहिए. ताजा खाना खाएं बासी खाने से परहेज करें. मौसमी साग-सब्जी वह फल का अधिक से अधिक प्रयोग करें.

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