bhagalpur news. शंकरपुर और अजमेरीपुर बैरिया पंचायतों के लिए माणिक सरकार घाट पर बनेगा दूसरा पुल

भागलपुर जिले के शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए राहत की खबर है. गंगा नदी पर एक और पुल बनेगा.

भागलपुर जिले के शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए राहत की खबर है. गंगा नदी पर एक और पुल बनेगा. इसकी योजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों का जिला मुख्यालय तक आवागमन काफी आसान हो जायेगा. प्रस्तावित दूसरा पुल माणिक सरकार घाट के पास बनाया जायेगा. इसका निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी), भागलपुर के कार्य प्रमंडल द्वारा कराया जायेगा. विभागीय स्तर पर पुल के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है और डिलेट प्रोजेक्ट रिपोर्ट(डीपीआर) तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दिया गया है. वित्त विभाग से स्वीकृति मिलते ही परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर काम शुरू कर दिया जायेगा. यह पुल हाई लेवल ब्रिज के रूप में तैयार किया जायेगा, जिससे आवागमन बाधित नहीं होगा. परियोजना पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. पुल के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. 100 मीटर लंबा बनेगा हाइलेवल ब्रिज, माल ढुलाई और कारोबार को मिलेगा नया रास्ता माणिक सरकार घाट के किनारे प्रस्तावित हाइलेवल ब्रिज को लेकर नयी जानकारी सामने आयी है. यह पुल करीब 100 मीटर (लगभग 300-350 फीट) लंबा होगा और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जायेगा. इस पुल को खास तौर पर शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत से जुड़े गांवों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग माल ढुलाई के लिए अधिक उपयुक्त साबित होगा. वहीं, सामान्य आवागमन के लिए लोग किला घाट स्थित जमुनिया धार पर प्रस्तावित पहले पुल का उपयोग करेंगे. इस तरह दोनों पुल अलग-अलग जरूरतों को पूरा करेंगे, जिससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है. 40 हजार से अधिक आबादी को होगी आवागमन की सुविधा जमुनिया नाला पर पुल और सड़क बनने से शंकरपुर, दारापुर, बिंद टोली, सहूनिया, बंडाल, मोहनपुर दियारा, रसीदपुर, अजमेरिपुर सहित दो पंचायत के दो दर्जन गांवों के 40 हजार से अधिक आबादी को आवागमन की सुविधा होगी. वर्तमान में गांव से जिला मुख्यालय आने के लिए ग्रामीण विश्वविद्यालय के रविंद्र भवन के पीछे, गोलाघाट, सकीचन घाट पर आपस में चंदा कर ग्रामीण खुद चचरी पुल बनाते हैं. जान जोखिम में डालकर ग्रामीण इस चचरी पुल से आना-जाना करते हैं. पहला पुल किला घाट में जमुनिया धार पर बनाने का काम शुरू किला घाट इलाके में जमुनिया धार पर लंबे समय से प्रस्तावित पुल निर्माण को मुख्यालय से हरी झंडी मिल गयी है. मंजूरी मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. चयनित एजेंसी ने मेटेरियल गिराना शुरू कर दिया है. जिससे आसपास के कई गांवों को बड़ी राहत मिलने वाली है. दरअसल, सूबे में कई जगहों पर पुल गिरने की घटनाओं के बाद मुख्यालय ने नये पुल-पुलियों के निर्माण पर अस्थायी रोक लगाते हुए डिजाइन रिव्यू के लिए मंगाया था और इसके बाद काम ठप पड़ गया था. अब स्थिति सामान्य होने पर इस महत्वपूर्ण परियोजना को फिर से मंजूरी दी गयी है. करीब 10.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण अगले वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पुल की लंबाई 95 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर निर्धारित की गयी है, जिससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा. माणिक सरकार घाट पर हाइलेबल ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है. इसका सर्वेक्षण कार्य हो गया है. एस्टिमेट भी बनाकर भेज दिया गया है. वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी चयनित कर काम शुरू करा दिया जायेगा. किला घाट स्थित जमुनिया धार पर भी पुल निर्माण के लिए चयनित एजेंसी द्वारा मेटेरियल गिराया जाने लगा है. प्रताप पासवान, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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