50 घंटे से बिजली गुल, भागलपुर में 90 प्रतिशत ई-रिक्शा बंद, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
Power Cut Crisis: भागलपुर में लगातार बिजली संकट अब सड़कों पर भी दिखने लगा है. 50 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण शहर के अधिकांश ई-रिक्शा बंद हो गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
50 घंटे से बिजली गुल, भागलपुर में 90 प्रतिशत ई-रिक्शा बंद, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर शहर में तूफान के बाद उत्पन्न बिजली संकट का असर अब आम जनजीवन पर गहराने लगा है. बिजली नहीं रहने के कारण शहर के करीब 90 प्रतिशत ई-रिक्शा चार्ज नहीं हो सके हैं, जिससे उनका परिचालन ठप पड़ गया है. सड़क पर वाहन नहीं मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे स्टेशन पहुंचने और वहां से आने-जाने वाले यात्रियों को हो रही है.शहर में मंगलवार सुबह से ही ई-रिक्शा का परिचालन लगभग ठप है. अधिकांश ई-रिक्शा बिजली से चार्ज होकर चलते हैं, लेकिन लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण वाहन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं.
सड़क पर नहीं मिल रहे ई-रिक्शा
भागलपुर शहर में करीब पांच हजार से अधिक ई-रिक्शा का परिचालन होता है. स्टेशन चौक, तिलकामांझी, आदमपुर, जीरो माइल और बरारी सहित विभिन्न रूटों पर रोजाना हजारों लोग ई-रिक्शा से सफर करते हैं. लेकिन बिजली संकट के कारण सड़क पर बहुत कम ई-रिक्शा नजर आ रहे हैं.कुछ चालक जेनरेटर की मदद से वाहन चार्ज कर किसी तरह ई-रिक्शा चला रहे हैं, लेकिन इसकी संख्या काफी कम है.
रेलवे यात्रियों की बढ़ी परेशानी
ई-रिक्शा बंद होने का सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है. ट्रेन से उतरने के बाद लोगों को वाहन नहीं मिल पा रहे हैं. कई यात्रियों को पैदल या महंगे किराये पर दूसरे वाहन से सफर करना पड़ रहा है.
जेनरेटर वालों की मनमानी से लोग परेशान
बिजली संकट के बीच जेनरेटर संचालकों की मनमानी भी सामने आने लगी है. घरों की पानी टंकी भरने के लिए लोग मजबूरी में जेनरेटर का सहारा ले रहे हैं.स्थानीय लोगों के अनुसार एक हजार लीटर की पानी टंकी भरने और एक घंटे जेनरेटर चलाने के लिए 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. लोग मजबूरी में अधिक पैसे देकर पानी भरवा रहे हैं.
पीने के पानी की कीमत भी बढ़ी
बिजली संकट के कारण पेयजल की समस्या भी गहराने लगी है. 20 रुपये में मिलने वाला 20 लीटर का पानी गैलन अब 40 से 50 रुपये तक में बेचा जा रहा है. जिन लोगों के पास पैसे नहीं हैं, वे दूसरे घरों के चापाकल से पानी लाकर काम चला रहे हैं.
जनजीवन पर गहराया संकट
लगातार बिजली गुल रहने से शहर का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. लोग बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द आपूर्ति सामान्य करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके.