भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मायागंज में कार्यरत चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की अचानक छटनी हो गयी. नववर्ष के पहले दिन ही उनके सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया. हटाये गये 37 कर्मचारियों ने बताया कि अचानक हटाने से उनकी समस्या बढ़ गयी है. उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं मिली.
31 दिसंबर को काम से लौटे और दूसरे दिन काम के लिए पहुंचे तो पता चला कि उन्हें हटा दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन का यह अमानवीय चेहरा सामने आ गया. अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने बताया कि 31 जनवरी को शाम 4:30 बजे अंग विकास परिषद के नाम से चिट्ठी निकाली गयी थी.
चिट्ठी में कहा गया था कि यदि 37 कर्मचारी एक जनवरी को काम करेंगे, तो उनकी दैनिक मजदूरी परिषद की होगी. कर्मचारियों का कहना था कि यह श्रम कानून का उल्लंघन है. रेडियोलॉजी विभाग में कार्यरत नीरज कुमार ने बताया कि वह एक वर्ष से काम पर थे. चर्म रोग विभाग ओपीडी में कार्यरत सुनीता झा ने बताया कि यदि काम पर नहीं लाया गया, तो आमरण अनशन करेंगे. कर्मचारियों के पक्ष में कांग्रेस नेता सुजीत झा ने अधीक्षक से मिलकर कोई रास्ता निकालने को कहा, ताकि उनकी रोजी-रोटी का प्रबंध हो सके.
