भागलपुर : नाथनगर का गोसाईंदासपुर गांव कभी अपनी जिंदादिल जवानी और इन जवानों की पहलवानी के लिए पूरे इलाके में मशहूर हुआ करता था. वक्त के साथ सुनहरी यादें मिटती गयीं, पहले आर्सेनिक युक्त पानी ने इनकी हड्डियां कमजाेर कर डालीं और अब पिछले कुछ अरसे से लगातार कैंसर ने इन्हें अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है.
गांव वाले और कैंसर पीड़ित लोगों के परिजन यह आंकड़ा दर्जनभर से भी ज्यादा बताते हैं. इस साल ही चार कैंसर मरीजों की मौत हो चुकी है. इतना ही नहीं,अभी गांव के ही आधा दर्जन से ज्यादा कैंसर पीड़ितों का इलाज चल रहा. समय के साथ लगातार बढ़ रहे मौत के ये आंकड़े लोगों को खौफजदा करने को काफी है.
ज्यादातर मौत मुंह के कैंसर से, पेट और ब्लड कैंसर के भी हैं रोगी : कैंसर से अपनी जान गंवा चुके परिजनों के अनुसार जांच में पता चला कि ज्यादातर लोगों को मुंह में कैंसर है. इनमें से कुछ पेट और ब्लड कैंसर की चपेट में भी आ चुके थे. काफी समय तक कभी भागलपुर, तो कभी पटना व अन्य शहरों जाकर इलाज करवाया, लेकिन बारी-बारी से सबकी मौत हो गयी. परिजनों की मौत के बाद अंधविश्वास और कैंसर जैसी बीमारी का भय लोगों के मन में ऐसा आया कि लोगों ने अंतिम संस्कार के बाद चिकित्सा संबंधी कागजात तक जला डाले.
