डॉक्टरों ने कहा कि जबतक वेतन नहीं तबतक काम नहीं
भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में पीजी कोर्स कर रहे 90 से अधिक डॉक्टरों ने छह माह के बकाये वेतन की मांग पर मंगलवार से हड़ताल शुरू कर दिया. सभी पीजी डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंचकर राज्य सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. हड़ताल के कारण मायागंज अस्पताल में ओपीडी सेवा प्रभावित रही.
वहीं, 15 से अधिक ऑपरेशन को टालना पड़ गया. जबकि मेडिसीन विभाग के मरीजों के लिए जूनियर डॉक्टर, सीनियर डॉक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर व प्रोफेसर ने मोर्चा संभाला. हालांकि सर्जरी सेवा पर काफी बुरा असर पड़ा. पीजी डॉक्टरों के नहीं रहने से 15 से अधिक ऑपरेशन की तिथि आगे बढ़ाना पड़ा.
कई मरीज इंडोर सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर के बाहर खड़े मिले. मरीज के परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि मरीज का ब्लडप्रेशर ज्यादा है, इसलिए ऑपरेशन टालना पड़ा. इधर, सर्जरी विभाग के डॉ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि दो इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया. जबकि कई ऑपरेशन नहीं हो पाये.
उन्होंने कहा कि अधिकांश पीजी डॉक्टर शहर में किराये के मकान में रहते हैं. परिवार चलाने में हमें काफी दिक्कत हो रही है. आर्थिक तंगी के कारण पीजी डॅाक्टर परेशानी में जी रहे हैं.
मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टरों का प्रदर्शन: नौलखा स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में जुटे पीजी डॉक्टरों ने बताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती हड़ताल जारी रहेगा. वे मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट हैं. मरीजों की जांच की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. बावजूद उन्हें छह माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है.
पटना मुख्यालय से सूचना मिली कि अब वित्तीय वर्ष 2020-21 में मई जून तक वेतन मिलेगा. जबकि राज्य के दूसरे मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टरों को नियमित वेतन दिया जा रहा है. फिर भागलपुर के मेडिकल कॉलेज के साथ सौतेला व्यवहार क्यों अपनाया जा रहा है.
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विश्वज्योति ने बताया कि पीजी डॉक्टरों के ऊपर मरीजों के इलाज का पूरा बोझ है. बावजूद पीजी डॉक्टरों को नियमित रूप से वेतन देने में स्वास्थ्य विभाग सजग नहीं रहता. बता दें कि मायागंज अस्पताल के 90 से अधिक पीजी डॉक्टरों को बीते पांच माह से वेतन नहीं मिला है. बिना वेतन के दिनरात मेहनत करने वाले पीजी डॉक्टरों के बीच घोर नाराजगी है.
