भागलपुर : नगर निगम प्रशासन द्वारा जहां-तहां कूड़े फेंके जाने के मामले पर डीएम प्रणव कुमार ने संज्ञान लिया है. इस मामले में जिला प्रशासन कड़े निर्णय लेने जा रहा है. कनकैथी कूड़ा डंपिंग ग्राउंड होने के बाद भी जहां-तहां कूड़ा फेंके जाने से प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ गयी है और स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.
डीएम ने बताया कि बाइपास के किनारे कूड़ा फेंके जाने के मामले में वे हस्तक्षेप करेंगे. 10 दिनों में कूड़ा डंप का समाधान कर दिया जायेगा. नगर आयुक्त से पूछा जायेगा कि जब जिला प्रशासन ने एक साल पहले ही कूड़ा डंप करने के लिए कनकैथी में पहले पांच एकड़ और फिर पांच एकड़ (कुल 10 एकड़) जमीन उपलब्ध करा दी है, तो उसका उपयोग करने में क्या दिक्कत है. इतने दिनों में डंप ग्राउंड बन कर तैयार हो जाना चाहिए था और सड़क बन जानी थी. बाइपास के किनारे कूड़ा फेंक कर निगम गलत कर रहा है. अगले बुधवार तक खुद जाकर देखेंगे कि क्या परेशानी है.
दाखिल-खारिज के कारण अटकी गंगा किनारे जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
भागलपुर. गंगा के किनारे अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई कुछ दिनों के लिए अटक गयी है. उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में यह कार्रवाई शुरू हो जायेगी. फिलहाल सभी अंचल पदाधिकारी दाखिल-खारिज के सैकड़ों पेंडिंग आवेदनों को निष्पादित करने में व्यस्त हैं. डीएम ने बताया कि गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी. फिलहाल दाखिल-खारिज के कारण उक्त कार्रवाई नहीं की जा रही है.
ज्ञात हो कि छठ को लेकर 28 अक्तूबर को छठ घाटों का निरीक्षण करने नाव से निकले डीएम प्रणव कुमार ने देखा था कि कई लोगों ने गंगा घाट के किनारे पक्के घर का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है. निरीक्षण के बाद इस पर डीएम ने निर्देश जारी किया था. नगर निगम की आयुक्त और जगदीशपुर के अंचल पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि छठ के बाद संयुक्त रूप से अभियान चला कर अतिक्रमित भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें.
