संविधान दिवस पर विशेष
भागलपुर : बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश के संविधान निर्माण में भागलपुर की भी भूमिका रही है. दरअसल भागलपुर के प्रथम लोकसभा सदस्य-सांसद दिवंगत बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला संविधान के प्रारूप समिति के सदस्य थे. उक्त बातें वाणिज्य व आर्थिक विशेषज्ञ सह चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ ने बतायी.
उन्होंने बताया कि बनारसीप्रसाद झुनझुनवाला उनके फूफा थे. बचपन भी उनके सान्निध्य में बीता था. उनका कई दास्तावेज आज भी मेरे पास सुरक्षित रखा हुआ है. उन्होंने बताया कि जिस प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव आंबेडकर थे, उस समिति में बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला सदस्य बनाये गये थे. दरअसल पूरे देश से 389 अलग-अलग विशेषज्ञों को सदस्य बनाया गया था. बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला को उद्यम विशेषज्ञ के रूप में चुना गया था.
अलग-अलग राज्यों से चुने गये थे 389 सदस्य
संविधान सभा के 389 सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गये थे. डॉ राजेन्द्र प्रसाद, भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे. अनुसूचित वर्गों से 30 से ज्यादा सदस्य इस सभा में शामिल थे. सच्चिदानंद सिन्हा इस सभा के प्रथम सभापति थे. किंतु बाद में डॉ राजेंद्र प्रसाद को सभापति निर्वाचित किया गया. भीमराव आंबेडकर को निर्मात्री सिमित का अध्यक्ष चुना गया था. संविधान सभा ने दो वर्ष, 11 माह, 17 दिन में कुल 114 दिन बैठक की. इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतंत्रता थी.
बिहार से ये थे संविधान सभा के सदस्य
अमिय कुमार घोष, अनुग्रह नारायण सिन्हा, बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला, भागवत प्रसाद, बी लाकड़ा, ब्रजेश्वर प्रसाद, चंडिका राम, लालकृष्ण टी. शाह, देवेंद्र नाथ सामंत, डुबकी नारायण सिन्हा, गुप्तनाथ सिंह, यदुबंश सहाय, जगत नारायण लाल, जगजीवन राम, जयपाल सिंह, कामेश्वर सिंह, कमलेश्वरी प्रसाद यादव, महेश प्रसाद सिन्हा, कृष्ण वल्लभ सहाय, रघुनंदन प्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद सिन्हा, रामनारायण सिंह, सच्चिदानन्द सिन्हा, शारंगधर सिन्हा, सत्यनारायण सिन्हा, विनोदानन्द झा, पी. लालकृष्ण सेन, श्रीकृष्ण सिंह, श्री नारायण महता, श्यामनन्दन सहाय, हुसैन इमाम, सैयद जफर इमाम, लतिफुर रहमान, मोहम्मद ताहिर, तजमुल हुसैन, चौधरी आबिद हुसैन, हरगोविन्द मिश्र.
