भागलपुर : बिना सूचना के मेयर की गाड़ी का तेल व ड्राइवर का भत्ता बंद कर दिया गया. इससे निगम की ओर से दी गयी गाड़ी अब वापस हो गयी. इस पर मेयर सीमा साहा भड़क गयीं और कहा कि यह तो मजाक है. सामान्य बोर्ड की बैठक में इस मामले को उठायेंगे.
क्या है मामला : चंपारण के केसरिया नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने नगर विकास विभाग से निर्देश मांगा था. इस पर नगर विकास विभाग ने पूरे प्रदेश में मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को मिल रहे वाहन खर्च पर रोक लगा दिया गया. दरअसल नगर विकास विभाग का मानना है कि इन लोगों को जो भत्ता मिलता है, इसमें सारा खर्च शामिल है. इसी क्रम में भागलपुर निगम की मेयर सीमा साहा की गाड़ी वापस ले ली गयी.
19 नवंबर को निर्देश जारी किया गया था, जो 22 नवंबर को निगम में मिला. सोमवार को निगम कार्यालय आये पार्षद प्रसेनजीत उर्फ हंसल सिंह, पंकज दास, पार्षद प्रतिनिधि दीपक कुमार साह आदि ने मेयर की बात का समर्थन किया और कहा कि यह जनप्रतिनिधि का अपमान है. सामान्य बोर्ड की बैठक में उठायेंगे. हंसल सिंह ने बताया कि पत्र में लिखा है कि पटना छोड़कर सभी नगर निगम, नगर पंचायत व नगर परिषद के लिए लागू होता है, जो कि असमानता का बोध कराता है.
