भागलपुर : जिले में ऊर्जा बचत को लेकर सभी सरकारी दफ्तर से सितंबर के बिजली बिल की तुलनात्मक रिपोर्ट महीने भर पहले मांगी गयी थी. इस जवाब में भी कई सरकारी विभाग फेल हो गये. सुस्त सिस्टम का हाल यह है कि अभी तक कुल 38 विभागों में चार ने ही जवाब दिया है. सहकारिता विभाग, पुल निर्माण निगम लिमिटेड, जिला कृषि कार्यालय और केंद्रीय कारा से भेजी गयी रिपोर्ट के अध्ययन में पाया गया कि महज एक फीसदी बिजली बचत हो पायी.
38 सरकारी दफ्तर में चार का आया जवाब
भागलपुर : जिले में ऊर्जा बचत को लेकर सभी सरकारी दफ्तर से सितंबर के बिजली बिल की तुलनात्मक रिपोर्ट महीने भर पहले मांगी गयी थी. इस जवाब में भी कई सरकारी विभाग फेल हो गये. सुस्त सिस्टम का हाल यह है कि अभी तक कुल 38 विभागों में चार ने ही जवाब दिया है. सहकारिता […]

जब शेष 34 सरकारी विभाग से रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि ऊर्जा बचत की सलाह पर कितना अमल हुआ. डीडीसी सुनील कुमार ने बताया कि जिस विभाग ने जवाब नहीं दिया, उनको रिमांइडर दे रहे हैं. ऊर्जा बचत को लेकर रिपोर्ट आने पर ही आगे काम होगा. अगर ऊर्जा बचत की सजगता नहीं होगी तो जल-जीव हरियाली अभियान का उद्देश्य भटक जायेगा. जिन कार्यालय में सब मीटर नहीं हैं, वहां पर बिजली विभाग के माध्यम से यह लगवा रहे हैं.
यह थी 19 अक्तूबर की चिट्ठी: ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव राजीव रोशन का पत्र सभी 38 विभाग को भेजा गया. इसमें कहा कि कम ऊर्जा खपत वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण के उपयोग आवश्यकता नहीं रहने पर बंद कर दें. कोशिश हो कि प्राकृतिक रोशनी व हवा को कार्यालय में आने दें. सौर ऊर्जा स्रोत का उपयोग बढ़ायें. इसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने तीन दिनों के अंदर सितंबर के बिल(वर्ष 2018 से तुलना) फॉर्मेट में भरकर भेजने का निर्देश दिया था.
चार दिनों से डीआरडीए प्रथम मंजिल की बिजली कटी
भागलपुर. तकनीकी खराबी के कारण डीआरडीए प्रथम मंजिल की बिजली पिछले चार दिनों से कटी है. इसको लेकर संबंधित विभाग ने बिजली विभाग को सूचना भी दी है. साथ ही अगल मीटर से कनेक्शन के लिए भी पत्र दिया है. बिजली नहीं रहने से बाल संरक्षण इकाई, जिला कल्याण कार्यालय, मनरेगा का एक कार्यालय, बैंकिंग शाखा में कामकाज प्रभावित है.