भागलपुर : शहर में एक बार फिर कचरे की स्थिति भयावह हो गयी है. पिछले पांच दिनों से कचरा सही तरीके से नहीं उठ रहा है. बुधवार व गुरुवार को कचरा उठाया भी गया तो नाममात्र का. हालत यह है कि शहर के हर गली-मुहल्ले में कचरा व बदबू से लोग तबाह हैं, तो कचरा डंपिंग जोन कनकैथी में पहले से फेंके गये कचरा के सड़ने से लोग तबाह है.
कोढ़ में खाज यह कि लोग तबाह हैं, पर निगम के पदाधिकारी व पार्षदों को कोई मतलब नहीं. छोटी-छोटी बातों पर हंगामा करनेवाले पार्षद व राजनेता इस गंभीर संकट पर चुप हैं. इधर लोगों में दहशत है कि अगर यही हालत रहा तो हाल तक डेंगू का दंश झेल रहे लोगों को मलेरिया व डायरिया से परेशान नहीं होना पड़ जाये.
नगर निगम में नगर आयुक्त के अलावे तीन उप नगर आयुक्त, एक सिटी मैनेजर हैं, लेकिन निगम में क्या हो रहा है शहर की जनता देख रही है. गुरुवार को कनकैथी डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी लगा हुआ था. एकाध कंपैक्टर से कूड़ा गिराने के बाद उसे जेसीबी से गड्ढे में डाला जा रहा था. इस इलाके में जानेवाली सड़क की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है. यहां इस गंदगी की बदबू से भी सब परेशान हैं.
कनकैथी में फिर हंगामा
नाथनगर : कनकैथी में कूड़ा डंपिंग के लिए नगर निगम को मिली जमीन पर मालिकाना हक का विवाद बढ़ता जा रहा है. पांच एकड़ जमीन पर मालिकाना हक जता रहे कमलेश्वर यादव और रामविलास यादव ने गुरुवार को भी कूड़ा गिराने का विरोध किया. कमलेश्वरी यादव ने बताया कि हाइवा चालकों ने निगम के स्वास्थ्य अधिकारी रेयान द्वारा फोन पर जमीन का शुक्रवार को मापी कराने के आश्वासन के बाद कजरा गिराने दिया गया. आगे मापी होकर उनकी जमीन निकाली जाएगी तब कूड़ा गिरेगा. इसके लिए निगम ने समय मांगा है.
