भागलपुर : तय समय से डेढ़ घंटे विलंब से चल रही रामपुरहाट गया पैसेंजर ट्रेन मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब प्लेटफॉर्म संख्या-तीन पर पहुंची. ट्रेन यात्रियों से भरी थी. उमस के कारण यात्रियों का बुरा हाल था. गंदगी के बीच बैठ लोग यात्रा करने काे मजबूर थे. ट्रेन में बेसिन तो था, लेकिन इससे नल गायब था. बदबूदार बाथरूम में पानी तक नदारद था. बाथरूम से उठ रही बदबू पूरे कोच में फैल रही थी. भीड़ इस कदर कि चार यात्रियों के बैठने की सीट पर आठ से ज्यादा यात्री बैठे थे.
बदबूदार बोगी में जैसे-तैसे बैठे यात्री, पीने को पानी नहीं, शौचालय देख हुई उल्टी
भागलपुर : तय समय से डेढ़ घंटे विलंब से चल रही रामपुरहाट गया पैसेंजर ट्रेन मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब प्लेटफॉर्म संख्या-तीन पर पहुंची. ट्रेन यात्रियों से भरी थी. उमस के कारण यात्रियों का बुरा हाल था. गंदगी के बीच बैठ लोग यात्रा करने काे मजबूर थे. ट्रेन में बेसिन तो था, लेकिन इससे […]

सभी पसीने से लथपथ. किसी को प्यास लगी, तो कोई भूख से छटपटा रहा था. इस बीच भागलपुर में उन यात्रियों के चढ़ने से भीड़ और ज्यादा बढ़ गयी, जो काफी देर से ट्रेन के पहुंचने के इंतजार में बैठे थे. भीड़ बढ़ने पर लोग टस से मस नहीं हो पा रहे थे. इधर, एक-दूसरेे के बीच ट्रेन में यह चर्चा करते नजर आये कि रामपुरहाट-गया पैसेंजर से यात्रा करना किसी सजा से कम नहीं है. पैसा लेकर यात्रा तो पूरी कराता है, लेकिन गणतव्य तक पहुंचने के समय का कोई ठिकाना नहीं है.
जब तक रुकी रही ट्रेन, तब तक इस तरह की होती रही चर्चा : भैया… अभी तक भागलपुरे आइलो छै. जमालपुर सांझ तक तै पहुंची जैतै नी. कहां चढ़लो छौ. चतरै मअ चढ़लो छिहे हो भैया. अभी बोलबे मत करो. चुप-चाप बैठलो रहो. ट्रेनमा पहुंची जैथों तब समझिहोे पहुंचहलिये. इस बीच तीसरा आदमी बीच में बोल पड़ता है. है गाड़ी रो कौनो भरोसा नै छै. जोनो टिसनो पर रूकै छै तो रुकले रही छै. देखै छौ भीड़… है रैंकी भीड़ कहीं रहै छै. टिसन बाबू सीनी कअ तक नौकरिये से हटा दै रह छेकै.
चढ़ने-उतरने को लेकर यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की : ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या-तीन पर पहुंची, तो उमस से परेशान भागलपुर के यात्री जल्दबाजी में उतरना चाह रहे थे. तभी चढ़ने वालों की भीड़ आगे बढ़ी. इस बीच चढ़ने-उतरने वालों के बीच धक्का-मुक्की हो गयी. यह स्थिति लगभग सभी कोचों की रही.