डूडा में वास्तविक गबन राशि के कारण सूद के नुकसान का आकलन नहीं
भागलपुर :डूडा में राशि गबन को लेकर जिम्मेदार एक कर्मी सहित दो पूर्व अभियंताओं पर सीबीआइ शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, जांच में उक्त पर कई तरह की लापरवाही बरतने व सरकारी राशि की अवैध निकासी होने के बावजूद अनदेखी करने के प्रमाण मिले हैं. हालांकि, विभाग के खाते से जितनी राशि की निकासी हुई, उसके अनुपात में वापस सृजन महिला विकास सहयोग समिति ने पैसे जमा भी कर दिये.
मगर सीबीआइ ने इस राशि की अवैध निकासी व दोबारा जमा होने के बीच के खेल का पता लगाया है. दरअसल खाता में राशि नहीं रहने पर आवंटित सरकारी योजनाओं पर काम नहीं करने का मामला सामने आया है. सरकारी योजना के राशि आवंटन होने पर उसे तत्काल शुरू होना चाहिए, जिसमें लेटलतीफी कर दी गयी. इस पर भी जांच एजेंसी ने सवाल उठाया है. इससे पहले महालेखाकार ने भी अपने ऑडिट में उक्त बिंदु पर ही आपत्ति जतायी थी.
कल्याण विभाग भी मनीशूट के खर्च का कर रहा इंतजार: कल्याण विभाग भी मनीशूट को लेकर मुख्यालय से आवंटन मिलने का इंतजार कर रहा है. नीलाम पत्र वाद के दायर होने के बाद संबंधित राशि की वसूली का मनीशूट भी होना है. मनीशूट के लिए अधिवक्ता से भी विमर्श हो गया है. जैसे ही विभाग से आवंटन आयेगा, मनीशूट का काम शुरू हो जायेगा. अभी तक नजारत का ही मनीशूट का आवंटन आया है, जिसको लेकर वह 14 अगस्त को मनीशूट दायर कर सकता है.
