भागलपुर :डीएम प्रणव कुमार ने जिला नजारत को इंडियन बैंक व बैंक ऑफ बड़ाैदा की संबंधित शाखा के खिलाफ घोटाले की राशि वापसी को लेकर मनीशूट दायर करने पर सहमति दे दी. डीएम से सहमति मिलने के बाद जिला नजारत कार्यालय ने मनीशूट के जरूरी कागजात तैयार करना शुरू कर दिया है.
इसकी जिम्मेवारी सरकारी अधिवक्ता को दी गयी है, जो व्यवहार न्यायालय के संबंधित कोर्ट में याचिका दायर करने का फॉर्मेट बनायेंगे. सूत्रों के अनुसार, अगर कागजात तैयार हो गया तो व्यवहार न्यायालय में 14 अगस्त को मनीशूट दायर कर दिया जायेगा. महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार, जिला नजारत में 220.27 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी.
इसको लेकर जिला नजारत ने चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करवायी है. राजस्व विभाग ने एक लाख 10 हजार रुपये का आवंटन मनीशूट दायर करने के लिए भेजा है. इससे पहले राशि की वापसी को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा व इंडियन बैंक को पत्र लिखा था. इसके अलावा आरबीआइ को भी पत्र लिख कर गबन की राशि को देने के लिए कहा था.
डीआरडीए व डुडा ने जिम्मेदार के बजाय प्राथमिकी के बारे में दे दी रिपोर्ट
डीएम के निर्देश पर डीआरडीए व डुडा ने जो रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है, उसमें सामान्य तौर पर सरकारी राशि गबन को लेकर हुई प्रशासनिक जांच व दर्ज प्राथमिकी के बारे में जानकारी दी है. जबकि संबंधित विभागों को यह कहा गया था कि राशि गबन करने वाले की जिम्मेदारी तय करनी है और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है.
