लाश फेंकने का सेफ जोन बन गया है सरधो बहियार
सबौर :पूर्व में भी बाहर से कई लाशों को सरधो बहियार एवं सबौर जमसी पथ पर ललमटिया के आसपास फेंका जा चुका है. लोदीपुर थाना से जमसी एवं जमसी से भिट्ठी तक पथ रात में सुनसान हो जाता है. अपराधी इसका फायदा उठाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सबौर और लोदीपुर दोनों थाना क्षेत्र […]
सबौर :पूर्व में भी बाहर से कई लाशों को सरधो बहियार एवं सबौर जमसी पथ पर ललमटिया के आसपास फेंका जा चुका है. लोदीपुर थाना से जमसी एवं जमसी से भिट्ठी तक पथ रात में सुनसान हो जाता है. अपराधी इसका फायदा उठाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सबौर और लोदीपुर दोनों थाना क्षेत्र की सीमा पड़ने से गश्ती गाड़ी नहीं के बराबर दिखती है.
बता दें कि सरधो के पास ही लोदीपुर थाना क्षेत्र में कोढ़ा गेट के पास से सड़क किनारे झाड़ियों से नाथनगर निवासी परदेशी यादव का शव बरामद किया गया था. इसके अलावा लोदीपुर थाना क्षेत्र के जगतपुर स्थित बगीचे में एक कुएं से अज्ञात शव मिला था. शव की पहचान मुंगेर जिला के तारापुर निवासी एक युवक के रूप में की गयी थी. माना जा रहा था कि युवक की हत्या कहीं और कर शव को इलाके में लाकर फेंक दिया गया है.
गले पर था जख्म: मुखिया रविंद्र का शव हाफ पेंट एवं सैंडो गंजी में था. गले पर कटा हुआ और रस्सी का निशान था. हालांकि चाकू मारकर हत्या की बात भी कही जा रही है. थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी ने बताया कि मामला के बारे में जानकारी ली जा रही है.
तीसरे प्रयास में मुखिया बने थे रविंद्र: तीसरे टर्म में चुनाव लड़ने पर रविंद्र मुखिया बने थे. इससे पहले दो बार चुनाव लड़ने पर उन्हें सफलता नहीं मिली थी. परिजनों ने बताया कि हमेशा दो मोबाइल पास में रखते थे जो गायब था. मृतक रविंद्र की छोटी पुत्रवधू शिखा देवी के फर्द बयान पर सबौर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.
एक चुनौटी और कंघी मिला घटनास्थल पर: घटनास्थल पर सरधो पहुंचे परिजन शव के आसपास कुछ ढूंढ रहे थे. लेकिन काफी खोजबीन के बाद उन्हें एक चुनौटी और एक कंघी के अलावा कुछ नहीं मिला.