बाढ़ से 30 आैर लोगों की मौत पूर्णिया शहर में भी घुसा पानी
भागलपुर : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण कई जिलों में अब भी बाढ़ का खतरा बरकरार है. बाढ़ के कारण शनिवार को राज्य में 30 लोगों की मौत हो गयी है. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री रविवार को दरभंगा का दौरा करेंगे. शनिवार को सीतामढ़ी के […]
भागलपुर : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण कई जिलों में अब भी बाढ़ का खतरा बरकरार है. बाढ़ के कारण शनिवार को राज्य में 30 लोगों की मौत हो गयी है. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री रविवार को दरभंगा का दौरा करेंगे. शनिवार को सीतामढ़ी के सोनबरसा प्रखंड में अधवारा समूह की झीम नदी उफना गयी.
इससे प्रखंड के बसतपुर, हरिहरपुर, लालबंदी, चिलरा, चिलरी, रोहुआ, कोहबरा, जयनगर व बंदरझूला गांव व सरेह पूरी तरह जलमग्न हो गया. डीएम के आदेश पर अगले 25 जुलाई तक जिले के सभी सरकारी व निजी
स्कूलों को बंद कर दिया गया है. गंगा, बरंडी, महानंदा, कारी कोसी व कोसी नदी के जलस्तर में शनिवार को उतार चढ़ाव रहा. इन नदियों में बरंडी व कारी कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी है.
इसके साथ ही पूर्णिया की सौरा नदी का पानी शहर में प्रवेश करने लगा है. पूर्णिया जिले में बौरायी नदियों से इंसानों की जान पर आफत लगातार बनी हुई है. शनिवार को भी डूबने से मौतों का सिलसिला जारी रहा. जिले के बायसी, पूर्णिया पूर्व और अमौर में सात लोगों की डूबने से मौत हो गयी.
इस बीच शनिवार को पानी में डूबने से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत की सूचना है. कुछ लोगों के लापता होने की बात भी बतायी जा रही है. सुपौल में एक बच्ची की मौत डूबने से हो गयी, वहीं कटिहार-अररिया में चार लोगों की मौत पानी में डूबने से हो गयी. अधवारा समूह के जलस्तर में वृद्धि होने से एक बार फिर नये इलाकों में पानी फैलने की आशंका है.
बागमती व अधवारा नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. सोनबरसा-रजबाड़ा पथ के लालबंदी ब्रह्म स्थान के समीप लगभग 100 मीटर में तीन से चार फुट पानी बह रहा है. इससे प्रखंड मुख्यालय में पुरंदाहा राजबाड़ा पश्चिमी, इंदरवा, पुरन्दाहा राजबाड़ा पूर्वी, पिपरा परसाइन समेत नेपाल व परिहार प्रखंड के दो दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है.
शनिवार को भी जिले के सोनबरसा, परिहार, सुरसंड व मेजरगंज प्रखंड मुख्यालय का जिला से सीधा सड़क संपर्क भंग रहा. वहीं एनएच 57 पर आश्रय लेने वाले एक बाढ़ पीड़ित परिवार के सात वर्षीय बच्चे को दरभंगा से झंझारपुर आ रही एक पिकअप वैन ने कुचल दिया, जिसमें उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. इससे आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने एनएच 57 को जाम कर दिया.
बरंडी व कारी कोसी में उफान
कटिहार जिले में नदियों के घटते-बढ़ते जलस्तर की वजह से विभिन्न क्षेत्रों में कटाव का खतरा मंडराने लगा है. इस बीच महानंदा नदी के जलस्तर में पिछले दिनों हुई वृद्धि की वजह से अब भी लोग बाढ़ प्रभावित हो रहे हैं. पानी धीरे-धीरे प्राणपुर-अमदाबाद की ओर बढ़ने लगी है. अब तक बाढ़ से आधा दर्जन से अधिक प्रखंड प्रभावित हो चुकी है.
कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी उतनी नहीं है, लेकिन बाढ़ पीड़िताें का कष्ट कम नहीं हो रहा है. इसके कारण बाढ़ प्रभावित जिलों में पर्याप्त राहत सुविधा नहीं मिलने से उनके बीच आक्रोश भी पनप रहा है. शनिवार को विभिन्न जगहों पर बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रदर्शन भी किया है. इधर जिला प्रशासन यह दावा कर रही है कि बाढ़ पीड़ितों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.पूर्णिया की सौरा नदी का पानी अब शहरी इलाके में तबाही मचाने लगा है. शहर के पूर्वी हिस्से में बसे खुश्कीबाग के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में सौरा का पानी घुसा हुआ है.