भागलपुर : सदर अस्पताल में कार्यरत शिशु रोग के डॉक्टर छुट्टी पर चले गये हैं. इसका असर एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा यूनिट ) पर सोमवार को देखने को मिला. इस यूनिट में करीब आधे दर्जन नवजात शिशु भर्ती हैं. इन सबके देखभाल की जिम्मेदारी अब नर्स के हवाले है. इतना ही नहीं, यहां कार्यरत दो नर्स में से एक साेमवार दोपहर में गायब रहीं, जबकि दूसरी मरीज के परिजनों से बहस करने में व्यस्त रहीं.
सदर में चाइल्ड स्पेशलिस्ट छुट्टी पर, बच्चे नर्स भरोसे
भागलपुर : सदर अस्पताल में कार्यरत शिशु रोग के डॉक्टर छुट्टी पर चले गये हैं. इसका असर एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा यूनिट ) पर सोमवार को देखने को मिला. इस यूनिट में करीब आधे दर्जन नवजात शिशु भर्ती हैं. इन सबके देखभाल की जिम्मेदारी अब नर्स के हवाले है. इतना ही नहीं, यहां कार्यरत […]

परिजनों से उलझती रही नर्स :सदर अस्पताल के एसएनसीयू में दोपहर करीब बारह बजे नर्स के आगे किसी का नहीं चल रहा था. यहां तैनात दो नर्स में एक गायब थी. ऐसे में सभी शिशु की देखभाल की जिम्मेदारी एक नर्स शबनम पर था.
दोपहर में यहां भर्ती एक शिशु को इसके परिजन देखना चाह रहे थे. इसके लिए नर्स से लगातार परिजन सिफारिश कर रहे थे. यह सुन नर्स ने आपा खो दिया. वहीं, सदर अस्पताल के एकमात्र शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कुंदन शर्मा नौ दिन की छुट्टी पर है. ऐसे में यूनिट में भर्ती मरीजों को देखने का भार इमरजेंसी में कार्यरत डॉक्टर पर है.
ओपीडी में मात्र तीन डॉक्टर ड्यूटी पर, कैसे हो इलाज : सदर अस्पताल पहले से ही डॉक्टर की कमी से परेशान हैं. उस पर सर दर्द डॉक्टर के समय पर ओपीडी नहीं आने से बढ़ जाता है. परिणाम यह रहा कि सोमवार को ओपीडी की व्यवस्था तीन डॉक्टर के कंधे पर रहा. ओपीडी में नेत्र चिकित्सक डॉ दीना नाथ, डॉ राजू व एक महिला चिकित्सक मिले.
इसमें एक डॉक्टर सुबह आठ बजे के बजाय ग्यारह बजे ओपीडी पहुंचे. शिशु रोग व फिजिशियन व दांत विभाग में डॉक्टर नहीं रहने की वजह से करीब सत्तर मरीज बिना इलाज वापस हो गये. वहीं, इमरजेंसी में भर्ती मरीज भी गायब थे. यहां की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी जिसके सर पर है, वो भी हाजिरी बनाने के बाद कहीं दिखते नहीं है.