भागलपुर : सरकारी धान की खरीद के बदले राइस मिलर से आनेवाले चावल का स्टॉक में भारी गड़बड़ी हो रही है. गोदाम पर गुणवत्ता जांच और नमी मापक यंत्र की जांच समेत कई नियम को ताकपर रखकर सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) गोदाम में चावल का स्टॉक हो रहा है.
सरकारी चावल में गुणवत्ता में फेल के खेल का खुलासा खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर बनी जांच टीम ने किया है. इसको लेकर उप निदेशक (खाद्य) अमरनाथ साहा, एफसीआइ के अधिकारियों की टीम की नौ अप्रैल को बागबाड़ी और 25 अप्रैल को नयागांव स्थित सीएमआर गोदाम की जांच करने गयी थी. जांच दल ने जो मौके पर देखा तो उनके भी होश उड़ गये. राइस मिलर से चावल के स्टॉक लेने में जो विभागीय मानक बनाये गये हैं, अधिकतर नियम का पालन नहीं हो रहा था.
सप्लाई वाले चावल की गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है और रजिस्टर में नियमित इंट्री नहीं हो रही है. नयागांव स्थित सीएमआर गोदाम पर तो गुणवत्ता जांच को लेकर तैनात पदाधिकारी आज तक ड्यूटी में आया ही नहीं था.गुणवत्ता जांच अधिकारी के देखे बगैर सीएमआर गोदाम में चावल का स्टॉक हो रहा है.
हाल यह है कि चावल में कितनी नमी है, इसकी भी मशीनें गोदाम में बेकार व खराब पायी गयीं. जांच टीम ने दोनों जगह के सीएमआर गोदाम का चावल का सैंपल लेकर उसकी जांच के लिए भेज दिया. जांच दल में एफसीआइ के मैनेजर (जी) विवेक कुमार सिन्हा व टीए-2 ऋषि कुमार शामिल थे.
